माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय बजट में सरकार ने विदेश यात्रा, पढ़ाई और इलाज की योजना बना रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) की दर घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है। यह पहले 5 से 20 प्रतिशत तक थी। टीसीएस में कटौती से विदेश यात्रा के खर्च में कमी आएगी। विद्यार्थियों के साथ ट्रैवल इंडस्ट्री में भी इस घोषणा से उत्साह है।
अब तक विदेश यात्रा या पढ़ाई के लिए बड़ी रकम खर्च करने पर टीसीएस के रूप में मोटा टैक्स जमा करना पड़ता था। बजट में किए गए बदलाव के बाद विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों, इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों और घूमने की योजना बना रहे परिवारों को तुरंत राहत मिलेगी।
शिक्षा सलाहकार नवनीत ने बताया कि इस फैसले से विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के इच्छुक छात्रों की संख्या बढ़ेगी। पहले टीसीएस के कारण स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों को एकमुश्त बड़ी रकम का इंतजाम करना पड़ता था। कम टैक्स से लोन का दबाव भी घटेगा और पढ़ाई की योजना बनाना आसान होगा।
ट्रैवल एजेंट अजय के अनुसार, बजट के बाद विदेश यात्रा को लेकर पूछताछ में तेजी आने की उम्मीद है। खासकर यूरोप, साउथ ईस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट के टूर पैकेज अब ज्यादा आकर्षक होंगे। एजेंटों का मानना है कि टीसीएस में कटौती से लोग लंबी दूरी की यात्राओं को लेकर ज्यादा आत्मविश्वास महसूस करेंगे।विदेश में इलाज कराने की सोच रहे मरीजों और उनके परिजन के लिए भी यह फैसला राहत भरा है। महंगे मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ अतिरिक्त टैक्स का बोझ कम होने से कुल खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी।