माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण नगरी की बेटी दीक्षा ने आईएएससी अभियान के तहत वास्तविक क्षुद्रग्रह की खोज की है। जिसे नासा द्वारा प्रमाणीकृत किया गया है। इस क्षुद्र ग्रह पर नासा के द्वारा शोध कार्य किया जाएगा और इसका नाम इसे खोजने वाली छात्रा दीक्षा के नाम पर रखने की आशा जताई जा रही है।
विदित हो कि दयाल सिंह पब्लिक स्कूल में आईएएससी अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा खोजे गए क्षुद्र ग्रह को नासा द्वारा प्रमाणितकृत किए जाने पर अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।
प्रिंसिपल सुषमा देवगन और साइंस अफसर डॉ. कावेरी चौहान ने बताया कि अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने पृथ्वी की कक्षा में घूमने वाले 11 क्षुद्र ग्रहों की खोज की थी। उस पर अब नासा की मोहर लग चुकी है। इस अभियान में 88 विद्यार्थियों की चार टीमों ने भाग लिया था, जिसमें से आर्यभट्ट टीम को सफलता हाथ लगी है। उनके द्वारा खोजे गए टीडी-40 नामक क्षुद्र ग्रह को नासा के द्वारा प्रमाणीकृत किया गया है।
आर्यभट्ट टीम के सदस्यों में दीक्षा, गौरीश, जागृति, पुलकित जावा, पुलकित कौर, जानवी, काशवी , मोक्षित, ध्वनि, लावण्या, अक्षत, भानुश्री और डेजी को अभिनंदन समारोह में पुरस्कृत किया गया।
इस अभिनंदन समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर सीएसएसआरआई के वैज्ञानिक डॉ. सुशील कामरा पहुंचे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. पंपा, डॉ. चंद्रकांता, विवेक अरोड़ा, राजेंद्र मोहन, विद्यालय एलुमनाय साहिल, डॉ. रितेश नंदवानी और डॉ. रोबिन शामिल रहे।