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दाखिले की मुश्किल डगर, सीटों से दोगुना ज्यादा विद्यार्थी

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गगन तलवार
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करनाल। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब विद्यार्थी कॉलेज जाने को बेकरार हैं, लेकिन कर्णनगरी में 12वीं पास करने वाले सभी विद्यार्थियों की यह चाहत पूरी होना मुश्किल नजर आ रहा है। क्योंकि कॉलेजों में स्नातक की सीटों की संख्या के मुकाबले दो गुना अधिक विद्यार्थी हैं। ऐसे में दाखिले के लिए मारामारी रहेगी।
जिले के सभी 15 कॉलेजों में स्नातक के विभिन्न कोर्सों में कुल 9430 सीटें हैं। जबकि सीबीएसई और हरियाणा बोर्ड से कुल 17702 विद्यार्थियों ने 12वीं की परीक्षा पास की है। यानी एक सीट पर दाखिले की दौड़ में दो विद्यार्थी होंगे। दाखिले के लिए लड़कों की स्थिति ज्यादा खराब रहने वाली है, क्योंकि सात को-एजूकेशन कॉलेजों में महज 5700 सीटें हैं, जहां लड़कियां भी दाखिले के लिए आवेदन करेंगी। हर बार करीब 40 प्रतिशत सीटों पर मेरिट के हिसाब से बेटियों को भी दाखिला मिलता है। जबकि दोनों बोर्ड से कुल 8402 विद्यार्थियों ने 12वीं की परीक्षा पास की है। ऐसे में आधे विद्यार्थियों को भी दाखिला मिलना कठिन है। दाखिलों के लिए कॉलेजों ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं, केवल उच्चतर शिक्षा विभाग (डीएचई) की गाइडलाइन का इंतजार है। शेड्यूल जारी होते ही दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ब्यूरो
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आठ कन्या कॉलेजों में 3730 सीटें और 9300 लड़कियां
जिले में छह सरकारी समेत कुल आठ कन्या कॉलेज हैं। जहां स्नातक की 3730 सीटें ही हैं। जबकि दोनों बोर्ड से 9300 लड़कियों ने 12वीं पास की है। ऐसे में एक सीट पर तीन छात्राएं कन्या कॉलेजों में दाखिले की दौड़ में होंगी। हालांकि को-एजूकेशन कॉलेजों की करीब दो हजार सीटों पर भी दाखिला मिलने की संभावना इस बार भी जताई जा रही है। ऐसे में करीब तीन हजार छात्राओं के दाखिले की राह भी मुश्किल होगी।
दूरवर्ती शिक्षा और विश्वविद्यालय विकल्प, पर राह मुश्किल
कॉलेजों की सभी सीटें भरने के बाद करीब आठ हजार विद्यार्थी दाखिलों से वंचित रहेंगे। इनके पास हायर एजूकेशन के लिए केवल दूरवर्ती शिक्षा या विश्वविद्यालयों की ओर रुख करने का ही विकल्प होगा। दूरवर्ती शिक्षा के लिए इग्नू व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दाखिला मिल जाएगा, लेकिन रेगूलर पढ़ाई के लिए कुवि, दिल्ली यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी व अन्य विश्वविद्यालयों में प्रक्रिया को पूरा करना व मेरिट में नंबर आना मुश्किल है, क्योंकि वहां अन्य जिलों के मेधावी विद्यार्थी भी आवेदन करेंगे।
किस कॉलेज में कितनी सीटें
कॉलेज सीट
पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज 1710
राजकीय महिला कॉलेज रेलवे रोड 960
राजकीय कॉलेज मटक माजरी 640
राजकीय कॉलेज असंध 240
राजकीय कॉलेज घरौंडा 460
राजकीय कन्या कॉलेज तरावड़ी 240
राजकीय कन्या कॉलेज बसताड़ा 350
राजकीय कन्या कॉलेज जुंडला 260
राजकीय कन्या कॉलेज बस्तली 240
राजकीय कन्या कॉलेज पाढ़ा 240
दयाल सिंह कॉलेज 1160
डीएवी कॉलेज 790
गुरु नानक खालसा कॉलेज 700
केवीए डीएवी कॉलेज 800
जीवन चानन महिला कॉलेज निसिंग 660
कुल 9430
विद्यार्थियों की स्थिति-
बोर्ड कुल लड़के लड़कियां
एचबीएसई 11299 5411 5888
सीबीएसई 6403 2991 3412
कुल 17702 8402 9300
- 9430 सीटें कुल हैं 15 कॉलेजों में
- 3730 सीटें हैं 08 कन्या कॉलेजों में
- 5700 सीटें हैं को-एजूकेशन कॉलेजों में
- 5320 सीटें हैं 10 राजकीय कॉलेजों में
- 4110 सीटें हैं 05 एडेड कॉलेजों में
कट ऑफ भी हाई जाने की उम्मीद
12वीं कक्षा के परिणाम में गत वर्ष की तुलना में विद्यार्थियों का पास होने का ग्राफ बढ़ा है। ज्यादा प्रतिशत से विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है। ऐसे में कॉलेजों की मेरिट लिस्ट में कट ऑफ भी हाई जाने की उम्मीद है।
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- रेखा शर्मा, प्रिंसिपल, राजकीय पीजी कॉलेज
सीटें बढ़वाने का करेंगे प्रयास
सीटों में 10 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा। मेरिट के आधार पर दाखिला मिलेगा। विद्यार्थी अपनी तैयारी पूरी रखें, कभी भी दाखिलों का शेड्यूल जारी हो सकता है।
- डॉ. रामपाल सैनी, प्रिंसिपल, डीएवी कॉलेज
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