संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खान-पान में बदलाव के चलते दांतों की बीमारियां बढ़ रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल में दंत रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 80 से 100 मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं। इसमें 40 प्रतिशत यानी 100 दंत रोगियों में 40 बच्चे भी शामिल हैं। जिस मुख्य कारण बदलता खान-पान और दांतों की देखरेख में लापरवाही है।
जिला नागरिक अस्पताल की दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. बिंदु शर्मा बताती हैं कि अब हमारे खान-पान के तौर तरीकों और खाद्य पदार्थों के स्वरूप में बहुत परिवर्तन आ गया है। ऐसे में ओरल हेल्थ को लेकर सजग रहना आवश्यक है। ओरल हेल्थ से पूरे शरीर का स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। बच्चे रोजाना चिप्स, चॉकलेट जैसी चीजें खाते रहते हैं। जिससे उनके दांतों में सड़न व पीलापन की समस्या आने लगती है। वहीं अधिकतर लोग रात का खाना खाने के बाद ब्रश नहीं करते हैं। इस वजह से दांतों के बीच खाना फंस जाता है। अगर आपको भी यह आदत है तो ये एक गंभीर समस्या बन सकता है। दांतों के बीच लंबे समय तक खाना फंसे होने की वजह से बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 80 से 100 के बीच दंत रोगी पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर में कैविटी होने से दांत खराब होने की समस्या सामने आ रही है।
20 मिनट बाद बैक्टीरिया होते हैं सक्रिय
दंत चिकित्सक डॉ. एसके गोयल ने बताया कि खाने के 20 मिनट बाद बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं और एसिड छोड़ना शुरू कर देेते हैं। इससे बचने के लिए खाने के बाद पानी से कुल्ला करना चाहिए। सुबह और रात को खाना खाने के बाद ब्रश जरूर करें। वहीं छह माह बाद अपने दांतों का चेकअप कराना चाहिए।
धूम्रपान और शराब पीने से करें परहेज
लोगों को धूम्रपान, गुटका खाने, तंबाकू चबाने व शराब पीने से परहेज करना चाहिए। इससे लोगों के दांत बहुत जल्दी खराब हो जाते हैं। वहीं मुंह का कैसर होने का खतरा बढ़ जाता है। दांतों के कारण सिर व गले में दर्द हो सकता है।