कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की परीक्षा शाखा की लापरवाही एक बार फिर से जग जाहिर हो गई। शुक्रवार को परीक्षा शुरू होने के समय पता चला कि परीक्षा शाखा ने सीटिंग प्लान ही तैयार नहीं किया है।
आननफानन में कॉलेज प्रशासन की ओर से काम चलाऊ व्यवस्था के तहत छात्रों को लाइब्रेरी में बैठाकर परीक्षा ली गई। जहां इस पूरे प्रकरण के चलते छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं कॉलेज प्रशासन ने भी लीपापोती करते हुए पूरे प्रकरण के बारे में अधिकारियों तक को सूचित करना जरूरी नहीं समझा।
शुक्रवार को सुबह 9:00 बजे यूनिवर्सिटी कॉलेज में जैसे ही परीक्षा आरंभ होने का समय आया वैसे ही कुछ छात्रों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
जब इन छात्रों से वजह पूछी गई तो उन्होंने बताया कि परीक्षा शाखा की ओर से उन्हें रोल नंबर तो जारी कर दिए गए लेकिन सेंटर पर उनके लिए सीटिंग प्लान ही नहीं है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन के भी हाथ-पैर फूल गए। कॉलेज प्रशासन की ओर से इस बारे में परीक्षा शाखा को सूचित करने की बजाय उनके लिए टेंपरेरी सीटिंग प्लान बना दिया।
इस सीटिंग प्लान के तहत छोटे से पुस्तकालय में लगभग 100 छात्रों को ठूंस दिया गया और वहीं पर यह परीक्षा संपन्न करवा दी गई। इस पूरे क्रम में 20 मिनट निकल गए, जिसके कारण परीक्षा देरी से शुरू हो सकी। हैरत की बात तो यह है कि परीक्षा संपन्न होने के बाद भी इस बारे में परीक्षा नियंत्रक को सूचित नहीं किया गया।
मेरे पास दिव्य दृष्टि नहीं : सेंटर सुपरिंटेंडेंट
सेंटर सुपरिंटेंडेंट प्रदीप मलिक से परीक्षा देरी से शुरू होने का कारण पूछा गया तो वे भड़क गए। अपनी जिम्मेदारी को उन्होंने कॉलेज प्राचार्य पर डालते हुए कहा कि वे इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कॉलेज प्राचार्य को जानकारी दे दी है और यहां से उनका काम खत्म हो जाता है। उन्हाेंने कहा कि मेरे पास र्कोई दिव्य दृष्टि नहीं है जो मैं देख सकूं की परीक्षा में कौन आ रहा है।
एक सौ विद्यार्थियों का नहीं
यूनिवर्सिटी कालेज के प्राचार्य डॉ. केएस अंतिल ने बताया कि परिक्षा शाखा से री अपीयर के करीब 100 विद्यार्थियों का सीटिंग प्लान नहीं आया है, जिस कारण परीक्षा 15 मिनट में देरी से शुरू हुई। आज कालेज में तीन कक्षाओं कि परीक्षाएं थी, जिस कारण कुछ विद्यार्थियों को पुस्तकालय में परीक्षा देनी पड़ी। परीक्षा नियत्रंक डॉ. हुकम सिंह से जब इस बारे में बात कि गई तो उन्होंने कहा कि इस बार में मुझे कुछ जानकारी नहीं है। मैं इस बारे में जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।