संवाद न्यूज एजेंसी
जुंडला। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जुंडला स्थित भाटिया प्लिंथ पर लगाया गया 30 हजार क्विंटल गेहूं डीएफएससी विभाग दो साल बाद भी नहीं संभाल पाया। विभाग की ओर से 2020-21 में लगा गेहूं 15 मार्च 2022 को एफसीआई की ओर से नॉन इश्यूएबल घोषित हो गया था। करीब 22 महीने बाद जैसे ही गेहूं की गुणवत्ता खराब हुई। विभाग ने उसी हाल में छोड़ दिया। बताया जाता है कि विभाग की ओर से एक से पांच हजार मीट्रिक टन तक अनाज की रखवाली के आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तीन चौकीदार मुस्तैद किए जाते हैं लेकिन यह सिर्फ कागजों में ही है। फिलहाल विभाग चौकीदार मामले को लेकर चुप्पी साधे हैं। मामला उजागर हुआ तो रविवार शाम करीब चार बजे करनाल के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने करीब 15 मजदूर नीचे पड़े गेहूं को भरने के लिए भेजे। जो सोमवार को भी काम करते नजर आए। लेकिन यहां पर भी विभाग की लापरवाही नजर आई। जिन कट्टों में नीचे पड़ा गेहूं भरा जा रहा है, वे चीनी, चोकर, यूरिया और डीएपी खाद के हैं।
डीएफएससी पांच और हेड ऑफिस ने निकाले छह माह
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान का कहना है कि यह विभाग की लापरवाही है। डीएफएससी ने 22 महीनों में ही जिस गेहूं को कंडम घोषित कर दिया, उसके ऑक्शन के लिए ही पांच माह और निकाल दिए। बाकी कसर हेड ऑफिस चंडीगढ़ ने पूरी कर दी जो छह माह बीत जाने पर भी आज तक गेहूं की खरीददारी नहीं करवा सका। उनका कहना है कि गेहूं की ऑक्शन के साथ संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की भी जवाबदेही तय हो।
2019-20 में भी आया था ऐसा मामला
जुंडला सेंटर पर वर्ष 2019-20 में विभाग के इंस्पेक्टर नवीन कालीरमन के नेतृत्व में ही गेहूं रखा गया था। उस समय वह भी ऐसे ही खराब घोषित हुआ था। विवादों में आने के बाद मार्च 2021 में नवीन को सस्पेंड करके करनाल से हेड क्वार्टर ड्यूटी कर दी गई, लेकिन जुंडला सेंटर पर लगाए करीब चार लाख गेंहू के कट्टों का चार्ज किसी को नहीं दिया। यहीं नहीं इसी वर्ष असंध सेंटर पर भी वर्ष 2019-20 में साढ़े सात लाख कट्टों में से करीब 14 हजार कट्टे सड़ गए थे। इसके बावजूद भी संबंधित अधिकारियों पर कोई आंच नहीं आई। कुछ माह के लिए सस्पेंड जरूर हुए लेकिन बहाल होने पर फिर चार्ज मिल गया।
तीन स्टेज पर होगी गेहूं की नीलामी
विभागीय जानकारी के अनुसार जुंडला स्थित प्लाटी पर जो गेहूं खराब हुआ है उसकी हेड ऑफिस चंडीगढ़ से आदेश आने के बाद तीन स्तर पर फीड-1, फीड-2 व फीड-3 पर बोली करवाई जाएगी। हर स्टेज का दाम अलग-अलग होगा। उन्होंने बताया कि एक रुपये से 15 रुपये तक बोली हो सकती है। पूरे गेहूं की बोली होने के बाद ही आकलन होगा कि विभाग को छह करोड़ के गेहूं में कितना नुकसान उठाना पड़ेगा।
वर्जन
विभाग की ओर से अगस्त 2022 को खराब गेहूं की ऑक्शन के लिए पत्राचार किया गया था। जैसे ही आगामी आदेश मिलते हैं उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। गेहूं से संबंधित इंस्पेक्टर को भी जवाब तलब किया जाएगा। स्टॉक में अभी भी काफी गेहूं की स्थिति ठीक है। बोली में बेहतर दाम मिल सकते हैं।
- अनिल कालड़ा, डीएफएसी, करनाल