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ऐसे ही रह लेंगे, नहीं देंगे विकास शुल्क

Sun, 27 Nov 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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कॉलोनियों को वैध कराने के लिए धरना जारी। - फोटो : अमर उजाला
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अवैध कॉलोनियों को वैध कराने को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा एक हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क देने के फैसले का जबरदस्त विरोध हो रहा है। अवैध कॉलोनी वासियों ने साफ कहा है कि जब वे 32 साल से ऐसे ही रहे हैं, तो आगे भी ऐसे ही समय गुजार लेंगे, लेकिन इतना विकास शुल्क कतई नहीं देंगे। अगर सरकार ने जबरदस्ती की तो इसके परिणाम भी गंभीर होंगे। लोगों का कहना है कि वे कॉलोनियों को वैध कराने के लिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं और सरकार हमसे ही पैसे मांग रही है। लोगों का आरोप है कि सरकार कॉलोनियों को वैध नहीं कराना चाहती है, इसलिए अनापशनाप शर्तें लगा दी हैं। वहीं, लोगों ने चेताया कि इस फैसले के विरोध में दो दिसंबर को सीएम कैंप आफिस का घेराव किया जाएगा।
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लघु सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे लोगों का कहना है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। जागरूक संघर्ष समिति के नेतृत्व में शनिवार को भूख हड़ताल पर सुभाष दहिया, हवा सिंह, सुरज सैनी, नरेंद्र सिंह, आनंद शर्मा, ईश्वर, रवि भाटिया रहे। रवि भाटिया ने कहा कि ये कौन सा तरीका है कॉलोनियों को वैध करने का। सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, जिसे लोग पूरा न कर सकें और सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग सके।

वहीं, हवा सिंह व नरेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह के नियम जिंदगी में पहली बार देखे हैं, हम टैक्स देने को तैयार हैं, लेकिन टैक्स जायज होना चाहिए। सूरज सैनी ने कहा कि सरकार पहले कॉलोनियों को वैध करे, उसके बाद ही टैक्स ले। भूख हड़ताल का नेतृत्व करते हुए संघर्ष समिति के प्रधान बीर सिंह लाठर व भीम सिंह ने कहा कि कॉलोनीवासी 23वें दिन कॉलोनियां नियमित करवाने की मांग को लेकर जिला सचिवालय के सामने गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। सरकार की तरफ से अब तक कोई भी अधिकारी भूख हड़तालियों की सुध लेने नहीं पहुंचा।
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करोड़ों रुपये प्रापर्टी टैक्स दे चुके हैं : बाघ सिंह
जागरूक संघर्ष समिति के चेयरमैन राकेश कुमार बाघ सिंह ने बताया कि प्रापर्टी टैक्स के नाम पर सरकार करोड़ों रुपये इन कालोनीवासियों से वसूलती आई है और अब भी अनाप शनाप शर्तें लगाकर गरीब कालोनीवासियों से सौदेबाजी करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले भी कॉलोनियां नियमित की जाती रही हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने ऐसी शर्त नहीं लगाई। सरकार अपने चुनावी वादों घोषणा पत्रों अपने कर्तव्यों से भागना चाहती है। जागरूक संघर्ष समिति के नेतृत्व में 2 सितंबर को सीएम आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी तैयारियों को लेकर टीम गठित कर कॉलोनियों का दौरा किया जा रहा है। दो दिसंबर को सीएम कैंप आफिस का घेराव किया जाएगा। 
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