सरकारी स्कूलों के हालात जल्द बदलने की उम्मीद जगी है। शिक्षा निदेशालय की टीमें अब फील्ड में आकर स्कूलों की जांच करेंगी। इस दौरान ये टीमें कक्षाओं की स्थिति से लेकर विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच करेंगी।
जिले में पहली से 12वीं कक्षा तक के कुल 778 सरकारी स्कूल हैं। इनके हालात जानने के लिए शिक्षा निदेशालय की टीमें जमीन पर उतरने जा रही हैं। खास बात यह है कि जो टीम निरीक्षण करेगी, उनमें मुख्यालय के सभी आला अधिकारी शामिल होंगे। सरकारी स्कूलों को जांचने के लिए टीम ने पांच बिंदु भी तैयार किए गए हैं। जिनमें स्कूल की जनरल जानकारियां, सुविधाएं-संसाधन, टैबलेट, क्लास रूम और मिड डे मील से संबंधित 85 मानक तय किए गए हैं। जिन्हें विशेष टीमें जांचेंगी। पहले फेज में महेंद्रगढ़ जिले से जांच की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद टीमें अलग-अलग जिलों में जाएंगी। ब्यूरो
इन पांच बिंदुओं पर जांच करेंगी टीमें
- सामान्य जानकारी : इस बिंदू में स्कूल किस स्तर का है, प्राइमरी, मिडल, हाई या सीनियर सेकेंडरी आदि। इसके 13 मानक बनाए गए हैं।
- सुविधाएं एवं संसाधन : किस सरकारी स्कूल में कितनी सुविधाएं हैं, कितने संसाधन हैं, इसकी रिपोर्ट तैयार होगी। कुल 24 मानक बनाए गए हैं।
- टैबलेट की स्थिति : सरकारी स्कूलों में टैबलेट की संख्या का अपडेट लिया जाएगा। कितने विद्यार्थियों को टैबलेट मिले, कितनों ने इन पर काम करना शुरू कर दिया है। तीन मानकों में इसकी रिपोर्ट ली जाएगी।
- कक्षा की स्थिति : सरकारी स्कूल में कक्षा की स्थिति से लेकर संख्या पर रिपोर्ट बनाई जाएगी। कितने कक्षा कक्ष हैं, कितने कमरे कंडम हो चुके हैं, कितने सही स्थिति में हैं, एक कक्षा में कितने विद्यार्थी पढ़ते हैं। कुल 35 मानकों पर रिपोर्ट तैयार होगी।
- मिड डे मील व एसएमसी : सरकारी स्कूल में मिड डे मील व स्कूल प्रबंधक कमेटी के कार्यों को जांचा जाएगा। जिसके लिए कुल 10 मानक तय किए गए हैं।
करनाल के स्कूलों की स्थिति लगभग ठीक है। विभाग की योजना के अनुसार स्कूलों की पांच बिंदुओं पर जांच की जाएगी। इसके लिए टीमें गठित की गई हैं। कुल 85 मानकों पर जांच होगी। जहां जो कमी होगी, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
-रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।