- डेंगू के बढ़ते केसों को देखते हुए विभाग ने जारी किया सरकारी व निजी अस्पतालों को पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में डेंगू के बढ़ते केसों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को पत्र जारी कर अस्पतालों में आने वाले बुखार से पीड़ित आने वाले मरीजों का डेंगू व प्लेटलेट्स की जांच करवाना अनिवार्य कर दिया है। वहीं डेंगू व प्लेटलेट्स की जांच के टेस्ट सरकारी में निशुल्क होंगे जबकि निजी अस्पतालों के लिए शुल्क निर्धारित किए गए हैं। जिले में जनवरी से 25 अगस्त तक डेंगू के 17 केस सामने आ चुके हैं।
उप-सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि मच्छरजनित बीमारियां डेंगू व मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मलेरिया विंग ने जिलेभर में 166 टीमें घर-घर जांच कर रही हैं। इनमें से 16 टीमें शहर के लिए और 150 टीमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रिजर्व हैं। जो घरों की जांच के साथ-साथ लोगों को डेंगू व मलेरिया के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। इसके अलावा सभी अस्पतालों के डॉक्टरों को सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से पत्र जारी कर बुखार से पीड़ित मरीजों का डेंगू व प्लेटलेट्स की जांच करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में पिछले साल डेंगू के 561 मरीज सामने आए थे और चार मरीजों की मौत भी हो गई थी। इन मृतकों में एक नागरिक अस्पताल की स्टाफ नर्स भी शामिल थी। डेंगू ने अपना पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। अबकी बार वर्ष 2024 के आठ माह बीतने वाले हैं। जिले में डेंगू का आंकड़ा अभी तक 17 पर है। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग फिलहाल राहत की सांस ले रहा है।
जिले में 7.65 लाख घरों में खंगाला मच्छर का लार्वा
मलेरिया विंग से बायोलॉजिस्ट पिंकी ने बताया कि जिले में गठित टीमों ने सात लाख 65 हजार 248 घरों में जाकर मच्छर के लार्वा को खंगाला है। इनमें से अभी तक 3405 घरों में लार्वा मिल चुका है और टीमों ने 1632 मकान मालिकों को नोटिस थमाया है। वहीं जिले में बुखार से पीड़ित कुल 2,715 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है। जिनमें से जिले में अब तक 17 डेंगू के केस आ चुके हैं।
अचानक तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, जी मिचलाना, उल्टी आना, दस्त होना व त्वचा पर लाल चकत्ते।
घर के अंदर या आसपास अनुपयोगी बर्तनों, फूलदान, गमले आदि में पानी जमा न होने दें। पानी से भरी टंकियों या बर्तनों को ढक कर रखें, जिससे उसमें मच्छर न पनप सकें। कूलर, फूलदान, गमले, फ्रिज की ट्रे आदि को हर सप्ताह खाली करें और रगड़ कर साफ करें। एडीज मच्छरों से बचने के लिए दिन में क्वाइल, क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करें। शरीर को ढकने के लिए पूरे कपड़े पहनें। दरवाजों और खिड़कियों पर मच्छर रोधी जाली लगवाएं।