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Karnal News: एनडीआरआई में प्रदर्शनी लगाकर तकनीक, प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन

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माई सिटी रिपोर्टर
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आगामी दशक में दुग्ध उत्पादन की वार्षिक दर 6.6 से 14 प्रतिशत करनी होगी
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में रविवार को श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीस कुरियन की 102वीं जयंती राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर संस्थान के छात्र-छात्राओं ने कई नई तकनीकों को प्रदर्शित किया। एक स्टार्टअप ने जई, रागी, बाजरा, ज्वार, जौ, चना, साबुत गेहूं, सात मोटे अनाजों से निर्मित सप्त-ग्रेन मिलेट कुकीज लॉन्च किया।
इस मौके पर निदेशक डॉ. धीर सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में देश की करीब 45 करोड़ आबादी सीधे तौर पर डेयरी सेक्टर से जुड़ी है। देश की दूध और दूध उत्पादों की मांग को पूरा करने के लिए भारत को 2033 तक प्रति वर्ष 330 एमएमटी दूध का उत्पादन करने की जरूरत है। वर्तमान में विकास दर 6.6 प्रतिशत है, जिसे 14 प्रतिशत वार्षिक करने के लिए वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं।
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संस्थान के निदेशक और कुलपति डॉ. धीर सिंह ने कहा कि डॉ. कुरियन के ''''ऑपरेशन फ्लड'''' कार्यक्रम ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनने में सक्षम बनाया। 100 वर्षों से अधिक के समृद्ध इतिहास के साथ राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान डेयरी क्षेत्र को समर्पित संस्थानों में एक प्रमुख स्थान रखता है। छात्रों को डेयरी विज्ञान और प्रौद्योगिकी की व्यापक समझ से लैस करके, एनडीआरआई उन्हें सक्षम पेशेवर बनने के लिए तैयार करता है जो डेयरी उद्योग की वृद्धि और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। देश का दूध उत्पादन 2013-14 में 137.7 मिलियन टन से 61 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2021-22 में 221.1 मिलियन टन हो गया है। डेयरी और पशुपालन क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में योगदान 4.5 प्रतिशत है, जिसका मूल्य लगभग 10 लाख करोड़ रुपये है और यह दुनिया में सबसे अधिक है।
एनडीआरआई गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तेजी से माइक्रोबियल और मिलावट का पता लगाने वाली किट, डेयरी उत्पादों के शेल्फ-जीवन को बढ़ाने के लिए प्रसंस्करण और पैकेजिंग हस्तक्षेप, दूध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवीन कोल्ड चेन प्रथाएं आदि विभिन्न क्षेत्र हैं जिन पर एनडीआरआई वर्तमान में काम कर रहा है।
यहां लगी प्रदर्शनी में छात्र ने मिलावट का पता लगाने वाली किट, माइक्रोबियल डिटेक्शन किट, उच्च प्रोटीन आइसक्रीम, डेयरी उत्पादों की ताजगी की वास्तविक समय की निगरानी के लिए बुद्धिमान पैकेजिंग, कम ऊर्जा खपत के साथ घी निर्माण की एक प्रक्रिया, कम सोडियम सामग्री के साथ पनीर, दूध प्रोटीन सांद्रता के साथ छात्र गौरव ने बिना चीनी के मधुमेह रोगियों को ध्यान में रखते हुए खजूर-धूध निर्मित डेय डिलाइट पेय पेश किया तो इशिता ने पफ बाजरा लड्डू प्रदर्शित किए।
इस मौके पर संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. एके सिंह, संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. राजन शर्मा, प्रभाग के प्रमुख, अनुभाग प्रभारी, संकाय और छात्र भी दुग्ध दिवस के उत्सव के दौरान उपस्थित थे।
रेडी प्रोग्राम किया शुरू
निदेशक ने बताया कि एनडीआरआई डेयरी छात्रों को इस तरह से प्रशिक्षित करना है कि वे नौकरी ढूंढने वाले के बजाय नौकरी प्रदाता बनें। स्टूडेंट रेडी प्रोग्राम एक ऐसी पहल है, जहां हम छात्रों को अवसर प्रदान करते हैं यानी सीखते समय कमाई । जिससे छात्र सीखने के दौरान कमाई भी करेंगे।
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सप्त-ग्रेन मिलेट कुकीज लॉन्च
संस्थान के बीटेक (डेयरी टेक्नोलॉजी) स्नातक राशिका, जो एग्रीबिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर, एनडीआरआई में इनक्यूबेशन के अधीन हैं, ने सिमरस फूड्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक स्टार्टअप की स्थापना की है, जिसका ब्रांड नाम माइटीमिक्स है। आज इस स्टार्टअप ने सप्त-ग्रेन मिलेट कुकीज लॉन्च की है।
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