माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बाजार में शहद की मांग लगातार बढ़ रही है। किसान मधुमक्खी पालन करके न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं बल्कि उद्यमी बनकर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकते हैं। किसान प्रशिक्षण संस्थान से मधुमक्खी पालन करने का प्रशिक्षण लेकर शहद से बनने वाले विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाकर आर्थिक उन्नति की ओर बढ़ सकते हैं।
हरियाणा स्टेट हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएसएचडीए) के मिशन निदेशक डॉ. जोगिंद्र घनघस ने कहा। वह बागवानी प्रशिक्षण संस्थान उचानी में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। जहां इंडो-इजराइल परियोजना के तहत सोमवार को मधुमक्खी पालन प्रबंधन विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन शुरू हुआ। सेमिनार में गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न प्रदेशों के 40 हॉर्टिकल्चर अधिकारी पहुंचे। मुख्य अतिथि मिशन निदेशक डॉ. जोगिंद्र ने कहा कि सरकार की ओर से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने व किसानों को उद्यमी बनाने के लिए सुविधाएं उपलब्ध की जा रही है ताकि किसानों की आय भी बढ़े। एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र रामनगर शाहबाद में सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जा रही है, जैसे ट्रेनिंग, बॉक्स, उपकरण, मधुमक्खी के छत्ते, प्रोसेसिंग यूनिट आदि की सुविधाएं दी जा रही है। विशिष्ट अतिथि डाॅ. सुधीर यादव, प्रिंसिपल डॉ. बिल्लू यादव, डॉ. ब्रहमदेव, रूबीस्टेन, मि. मोरेनसिती, दनियल हदाद, जिला उद्यान अधिकारी डॉ. कमल सैनी आदि मौजूद रहे।