128संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण पार्क में शनिवार को मिड डे मील यूनियन की ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 20 मई की हड़ताल की तैयारी के लिए बैठक हुई। बैठक में जिला प्रधान शिमला ने कहा कि केंद्र और राज्य के बजट में मिड डे मील वर्करों के लिए एक भी रुपया नहीं बढ़ाया गया है यह बेहद खराब बात है। न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये हो, वेतन 12 हजार हर महीने मिले, रिटायरमेंट लाभ दो लाख रुपये हों, वर्दी भत्ता दो हजार रुपये किया जाए और नौकरी को स्थाई करने जैसी मांगों को लेकर 20 मई की ऐतिहासिक हड़ताल करने का फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा कि 12 अप्रैल को पानीपत में मिड डे मील यूनियन ने शिक्षा मंत्री के आवास पर रैली की थी और ज्ञापन भी दिया था, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि आज तक शिक्षा मंत्री ने यूनियन को बातचीत को समय तक नहीं दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार सार्वजनिक शिक्षा के मौजूदा ढांचे को समाप्त करना चाहती है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री चिराग योजना के नाम पर सरकारी स्कूलों पर ताला लगवाना चाहते हैं। उन्हें यह योजना तुरंत बंद करनी चाहिए, जो सरकारी स्कूलों से बच्चे निकलकर निजी स्कूलों में डलवा रही है। सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले बढ़ें यह प्रयास हो, स्कूलों को मर्ज करना ओर बंद करना समाप्त होना चाहिए। बैठक जिला प्रधान शिमला की अध्यक्षता में हुई व संचालन जिला कैशियर ओ पी माटा ने किया। इस अवसर पर सीमा, गीता, मुन्नी, उप प्रधान कमलेश, लक्ष्मी, शिमला, कविता, सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी व कैशियर ओपी माटा मौजूद रहे।