जिला जेल में बंद एक हवालाती की संदिग्ध परिस्थितियों में रविवार को मौत हो गई। मामले को लेकर दिनभर अस्पताल में तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस की ढीली कार्रवाई से खफा परिजनों ने करीब 20 मिनट तक अस्पताल के बाहर जाम लगाकर रोष जताया और बवाल काटा। पीड़ितों के विरोध जताने पर मौके पर डीएसपी राजेश लुहाण पहुंचे और सख्त कार्रवाई के आश्वासन पर पीड़ितों को शांत किया। रोहतक पीजीआई में शव का पोस्टमार्टम के लिए रेफर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, जेल में बंद घरौंडा के अनोखा कॉलोनी वासी हवालाती गंगाराम (27) को रविवार सुबह पेट में दर्द हुआ। इलाज के लिए जेल के अस्पताल में ले जाया गया, जहां हालत ज्यादा खराब होने पर हवालाती को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक ने तीन साल पहले एक कंपनी से फाइनेंस करवाकर टाटा मैजिक गाड़ी ली थी। इसकी वह किश्त न भर सका। इस पर कंपनी ने युवक के खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया। फाइनेंस के केस में युवक दो दिसंबर से बतौर हवालाती जिला जेल में बंद था। इसकी रविवार सुबह मौत हो गई।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर विलाप करते रहे परिजन
परिजन सुबह से ही पोस्टमार्टम हाउस के बाहर विलाप करते रहे। दोपहर दो बजे जेएमआईसी अश्विनी गुप्ता ने पहुंचकर मृतक की पत्नी के ब्यान दर्ज किए और शव को चेक किया। इसके बाद भी शाम तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। मृतक गंगाराम की पत्नी सुनीता ने बताया कि उनके द्वारा ली गई गाड़ी को भी कंपनी ने उठा लिया है। इसके बाद भी फाइनेंसर गंगाराम के साथ मारपीट करते थे। इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। इस बारे में सदर थाना प्रभारी ललित कुमार का कहना है कि परिजनों को समझा दिया गया है।
कार्रवाई न होने के विरोध में लगाया जाम
रविवार सुबह दस बजे से परिजन अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे रहे। दोपहर दो बजे तक पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई न होने पर परिजनों ने अस्पताल के बाहर रोड पर लगभग 15 मिनट तक जाम लगाए रखा। बाद में डीएसपी राजेश लोहाण मौके पर पहुंचे और परिजनों को आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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मामले को लेकर उलझी रही पुलिस
हवालाती की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर पुलिस भी शाम तक उलझी रही। सुबह से ही पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जेल पुलिस, थाना सदर पुलिस, सिविल लाइन पुलिस तैनात रही। लेकिन पुलिस द्वारा काफी देर तक कागजी कार्रवाई शुरू न करने पर पीड़ितों ने विरोध जता दिया। विरोध के बाद पुलिस कार्रवाई में लग गई। शाम को पोस्टमार्टम के लिए शव को रोहतक रेफर किया गया तो सदर थाना पुलिस शव को पीजीआई रोहतक लेकर गई।