- कार फ्री डे : शहर के दो डीएसपी भी पैदल पहुंचे कार्यालय, जनता से सहयोग का आह्वान
- मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कार फ्री डे मनाए जाने की घोषणा की थी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कार फ्री डे की मंगलवार को करनाल में शुरुआत हो गई। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सुबह अपने आवास से लघु सचिवालय अपने कार्यालय तक पैदल पहुंचे। एसडीएम साइकिल से कार्यालय आए। नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा अपने आवास से निगम कार्यालय तक साइकिल पर आए। इनके अलावा जिले के अन्य अधिकारी भी पैदल या साइकिल से अपने कार्यालय पहुंचे। सभी ने आमजन से अपील की कि मंगलवार को वाहनों को छोड़कर पैदल या साइकिल से सफर करें।
उपयुक्त अनीश यादव अपनी कार छोड़कर करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी स्वेच्छा से कार फ्री-डे में भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभ मिलेगा बल्कि यह पर्यावरण की दृष्टि से भी लाभदायक है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि सप्ताह में कम से कम एक दिन स्वेच्छा से इस मुहिम में भागीदार बनें। इससे कहीं न कहीं यातायात जाम की स्थिति से भी निजात मिलेगी।
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन अपने निवास स्थान से दफ्तर तक पैदल पहुंचे। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। यह हमारे और पर्यावरण के लिए बेहद लाभदायक है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के सभी अधिकारी इस कार फ्री-डे अभियान से जुड़े हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका हिस्सा बनने का आह्वान किया। निगम आयुक्त अभिषेक मीणा मीनार रोड स्थित आवास से सेक्टर-12 स्थित नगर निगम कार्यालय तक 15 मिनट में साइकिल से पहुंचे। उन्हाेंने कहा कि इससे मोटर वाहनों में प्रयुक्त ईंधन की बचत होगी। वाहनों से निकलने वाले धुएं से उत्सर्जित प्रदूषण कम होगा। साइकिल चलाने से शरीर से विकार दूर होंगे और मनुष्य स्वस्थ रहेगा।
कार फ्री-डे पर एसडीएम अनुभव मेहता साइकिल पर सवार होकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक सितंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उसी दिन उन्होंने कार फ्री-डे की घोषणा की थी। इसी के चलते करनाल में मंगलवार को कार फ्री-डे अभियान चलाया गया है।
बाजार एसोसिएशन आगे आएं
उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि कार फ्री-डे फिलहाल अधिकारियों के लिए है। आम लोगों के लिए इसे लागू नहीं किया गया है। ऐसा करने से पहले हितधारकों से पूछा जाएगा। उन्होंने कहा कि, लेकिन स्वेच्छा से कोई भी इसमें हिस्सा ले सकता है। कार फ्री-डे के लिए बाजार एसोसिएशन को आगे आना चाहिए। इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभदायक है।