संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/असंध। असंध के रामनगर में बुजुर्ग दंपति हरी सिंह नंबरदार (78) और लीला देवी (75) की हत्या की साजिश में पोते रविंद्र के साथ उसकी मां गीता देवी भी शामिल थी। पुलिस की पूछताछ के दौरान रविंद्र ने यह खुलासा किया। गीता देवी को असंध थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
रविंद्र ने मां के साथ एक सप्ताह पहले ही हत्या की साजिश रची थी। रविवार को मौका मिलते ही उसने दो दोस्तों को साथ लेकर वारदात को अंजाम दे दिया। हत्या के बाद आरोपी रविंद्र ने मृत पड़े दादा के कुर्ते की जेब से चाबी निकालकर तिजौरी खोली और 1.10 लाख रुपये निकाले। वारदात के बाद यह रुपये और चाबी उसने घर जाकर मां को दी। मां ने चुपके से यह राशि घर में रख ली।
रिमांड के दौरान रविंद्र ने खुलासा किया कि उसकी मां गीता को वारदात के बारे में पता था। एक सप्ताह पहले मां के साथ ही उसने हत्या की साजिश रची थी। पुलिस जांच में सामने आया कि रविवार की रात को हत्या की वारदात को अंजाम देने के दौरान भी गीता जाग रही थी। उसने दोनों बुजुर्गों की चिल्लाने की आवाज भी सुनी थी। हत्या के बात उजागर होने के बाद आरोपी मां-बेटे ने भी रोने का नाटक किया। पुलिस ने गीता के कब्जे से 1.10 लाख रुपये की राशि, तिजोरी की चाबी सहित अन्य समान बरामद किया है।
बुजुर्गों की संपत्ति हड़पना चाहते थे मां-बेटा
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मां और बेटे बुजुर्गों की संपत्ति और मकान हड़पना चाहते थे। हत्या की योजना बना ली थी। एक सप्ताह पहले आरोपी ने टेप लाकर रख लिया था। रविवार की रात को मौका मिला। दो अन्य आरोपियों प्रदीप और गुलशन को तांबा चोरी का लालच देकर बुलाया और वारदात को अंजाम दे दिया।
लूट दिखाने के लिए तिजोरी में अटकाई थी चद्दर
पुलिस के अनुसार हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद पोते रविंद्र ने दादा की तिजोरी से रुपये निकालकर उसके अंदर गद्दी पर बिछाई चद्दर को फंसा दिया था। ताकि सभी को ये लगे कि बुजुर्गों की विरोध करने पर हत्या की गई है और इस दौरान ही तिजोरी में चद्दर फंसी है।
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तांबे से भरे दो कट्टे भी छिपाए थे, किए बरामद
हत्या की वारदात में शामिल जयसिंहपुर गांव निवासी प्रदीप और गुलशन वारदात के बाद रात 1:15 बजे बाइक पर सवार होकर चले गए। दोनों बाइक पर तांबे के दो कट्टे साथ ले गए। दोनों ने कट्टों को छिपा दिया था। रविंद्र की योजना थी कि जब मामला शांत हो जाएगा, उसके बाद तीनों तांबे को बेचकर पैसे बांट लेंगे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तांबे से भरे दोनों कट्टे बरामद कर लिए हैं।
ये था पूरा मामला :
असंध के रामनगर में हरी सिंह नंबरदार और उनकी पत्नी लीला देवी की रविवार की रात हत्या कर दी गई थी। सोमवार सुबह हरि सिंह के बड़े बेटे गुलाब का लड़का रोहित दादा के घर पहुंचा तो बरामदे में दादा-दादी नहीं दिखे। परिजन के अनुसार वह दोनों बरामदे में ही सोते थे। इस पर रोहित अपने चाचा को बुलाकर लाया। दोनों घर के अंदर गए तो बुजुर्ग दंपती के शव पड़े हुए थे। दोनों के हाथ-पैर बंधे हुए थे। मुंह पर टेप लगाकर कपड़ा बांधा हुआ था। पोते ने असंध थाना पहुंचकर शिकायत दी थी। सीसीटीवी में दो संदिग्ध युवक दिखने पर पुलिस ने कॉल डिटेल की जांच की। हरी सिंह और लीला देवी के दूसरे पोते रविंद्र पर शक हुआ। पुलिस की पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया था। आरोपी ने खुलासा किया कि वारदात में उसके साथ जयसिंहपुर निवासी प्रदीप और गुलशन भी शामिल थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
वर्जन
आरोपी रविंद्र की मां गीता देवी भी हत्या की योजना में शामिल थी। हत्या के दौरान जाग रही थी। उसके पास से बुजुर्गों की तिजोरी से निकाले 1.10 लाख रुपये और चाबी बरामद हुई है। वीरवार को गीता को अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं पहले से गिरफ्तार तीनों आरोपियों को पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लिया है। इन्हें शुक्रवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। -गोरखपाल राणा, डीएसपी असंध