जिले में एक ओर जहां कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ब्लैक फंगस के भी संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में फिलहाल दो मरीज दाखिल हैं जिन्हें ब्लैक फंगस होेने की आशंका है। इनका टेस्ट किया गया है। अब रिपोर्ट आने का इंतजार है। राहत की बात है कि वीरवार को संक्रमित मरीजों की अपेक्षा रिकवरी रेट अधिक रहा। 521 नए मरीज संक्रमित हुए हैं वहीं 760 ने महामारी को मात दी है, जबकि सात मरीजों की मौत हुई है।
जिले में अब तक 381 गंवा चुके जान
अभी तक जिले में 381 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं अब तक 337398 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 301126 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई हुई है तो वहीं 34982 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। 29385 मरीज ठीक भी हो चुके हैं और अभी तक 5216 एक्टिव केस हैं।
60 प्रतिशत से अधिक गांव में फैला कोरोना
दिन प्रतिदिन गांव में कोरोना संक्रमण के केस मिल रहे हैं। वीरवार को अराईपुरा, कुंजपुरा, ऊंचा समाना जैसे बड़े गांव में दस से ज्यादा केस सामने आए हैं। इससे अलग गोंदर, राहड़ा, असंध, निसिंग व इंद्री के भी कई गांव में कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। गगसीना, बल्ला, बाल पबाना आदि गांव में भी कोरोना के केस सामने आए हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र में सावधानी बरतने की बहुत आवश्यकता है।
जेल सबसे ज्यादा मिल रहे हैं कोरोना के केस
जिला जेल में पिछले चार दिनों से लगातार कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़ रही है। वीरवार को भी 49 के करीब कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। यदि चार दिनों की बात करें तो अभी तक 151 के करीब केस सामने आ चुके हैं।
ब्लैक फंगस से अंधेपन का खतरा
करनाल। प्रदेश के कई जिलों में ब्लैक फंगस के केस सामने आ चुके हैं। करनाल में भी दो ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज आने पर हड़कंप मचा हुआ है। यह बीमारी ज्यादातर उन व्यक्तियों को होती है जो लंबे समय से आईसीयू में दाखिल हैं और उन्हें शुगर है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है।
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में आईसीयू के इंचार्ज डॉ. लोकवेंद्र ने बताया कि ब्लैक फंगस का समय पर इलाज न होेने पर अंधापन हो सकता है। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस होने पर आंखों के नीचे काला पन होने लगता है, आंखों से कम दिखाई देने लगता है, आंखों पर सूजन आने लगती है।