डेजी मेरे घर की शान है। यह जब तीन साल की थी तो हमें तोहफे में मिली। हमारे पास इसे पांच साल हो चुके हैं। यह किसी को काटती नहीं है। डेजी पग नस्ल की है। यह बहुत शर्मीली है लेकिन कुछ देर में ही लोगों के साथ घुल मिल जाती है। इसे खाने में नॉनवेज पसंद है।
डेजी पूरे दिन में केवल एक बार खाना खाती है। मेरी बेटी अपने हाथ से उसे खिलाती है। हमने इसे समय से सभी जरूरी टीके लगवा दिए हैं। अब इसने गली के अन्य कुत्तों को भी दोस्त बना लिया है। मैं जहां जाती हूं ये मेरे पीछे आ जाती है। अगर मैं घर से बाहर चली जाती हूं तो डेजी उदास हो जाती है। जब इसे सैर पर जाना होता है तो यह मेरे पास आकर पूंछ हिलाती है। कभी मेरा कपड़ा खींचने लग जाती है। इसे एसी में सोना पसंद है। इसके बिना इसे नींद नहीं आती। हम इसे अपनी बच्ची की तरह पालते हैं। कभी इसे बांधकर नहीं रखते हैं। घर के सभी सदस्य इसे बहुत स्नेह करते हैं। जब हम बाहर जाते हैं तो इसकी देखभाल के लिए कोई न कोई घर पर रुक जाता है। डेजी बहुत वफादार और प्यारी है। जितना स्नेह हम डेजी से करते हैं वह भी हम सबको उतना ही स्नेह करती है। डेजी अब हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।
प्रस्तुति : संगीता, सैनी कॉलोनी, मॉडल टाउन