करनाल। पिछले 1825 दिनों में 859 लोग लापता हो गए। इनमें से पुलिस आज तक सिर्फ 52 प्रतिशत लोगों को ही तलाश पाई हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं, जो जीवित अपने परिजनों के पास नहीं लौट सके, उनके अपनों को उनके शव ही मिले। लेकिन 406 लोग अभी भी ऐसे हैं, जिनका अभी तक कोई अता-पता नहीं है। जिनके परिजनों की हर सुबह इस उम्मीद के साथ होती कि शायद आज उनका अपना वापस लौट आए। मां दरवाजे की हर आहट को इस उम्मीद से देखती है कि शायद उनका कलेजे का टुकड़ा दौड़ता हुआ आ जाए और उसके गले से लिपट जाए। लेकिन रात के अंधियारे के साथ ही इंतजार भी दम तोड़ देता है। लापता हुए लोग कहां हैं, किस हालत में हैं, हैं भी या नहीं ? किसी को कुछ नहीं पता है। पुलिस भी इनकी कोई खास मदद नहीं कर पा रही है।
ऐसे करती है पुलिस जांच...
पुलिस का कहना है कि जब उनके पास किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना आती है तो धारा 346 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। गुमशुदा व्यक्ति के पास मोबाइल नंबर होता है तो उसकी पांच से छह दिन की कॉल डिटेल निकाली जाती है। उन नंबरों से उस व्यक्ति के बारे में पूछा जाता है। अखबारों व टीवी चैनलों पर उसकी जानकारी दी जाती है। जिले के थाने सहित अन्य राज्यों के थानों में भी एसपी द्वारा उस व्यक्ति की जानकारी दी जाती है। उसकी फोटा वाला इश्तहार सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किया जाता है। इनमें अधिकतर युवतियां भी हैं जो घर से बिना बताएं कहीं चली जाती है। जब पुलिस मामले की जांच करती है तो पता चलता है कि उसने किसी लड़के के साथ शादी कर ली है। इस तरह के मामले में पिछले कई सालों से बढ़ते जा रहे हैं।
लापता पुरुष
सन 12 वर्ष से नीचे 12 से 18 वर्ष 18 वर्ष से अधिक
लापता- मिले लापता- मिले लापता-मिले
2016 8 - 6 7 - 1 43 - 14
2017 3 - 2 15 - 10 73 - 33
2018 4 - 4 10 - 6 61 - 17
2019 7 - 5 21 - 18 79 - 30
2020 5 - 2 15 - 9 92 - 43
लापता महिलाएं
सन 12 वर्ष से नीचे 12 से 18 वर्ष 18 वर्ष से अधिक
लापता- मिली लापता- मिली लापता-मिली
2016 1 - 0 8 - 7 31 -12
2017 1 - 0 9 - 6 50 - 36
2018 1 - 0 10 - 10 57 - 34
2019 1 - 1 15 - 12 80 - 51
2020 1 - 1 24 - 12 122 - 71
ये कर रहे हैं अपनों का इंतजार...
केस स्टडी
पहला मामला
तीन साल पहले मां से लेकर गया था 100 रुपये, इंतजार में सूखे आंसू
इंद्री के वार्ड 8 निवासी 32 वर्षीय सुरेंद्र कुमार उर्फ बिट्टू 23 मई 2018 को अपनी मां से 100 रुपये लेकर सुबह 9 बजे घर से काम के लिए निकला था। जो आज तक घर नहीं लौटा है। उसके बड़े भाई अनिल ने बताया कि उसका भाई सुरेंद्र घरों में पुताई का कार्य करता था। सुरेंद्र के पास उस समय 5 वर्ष की एक बेटी थी। जो आज अपनी मां के साथ ही रहती है। उसकी मां की आंखों के आंसू सूख गए हैं।
दूसरा मामला
एक साल से पत्नी कर रही हैं इंतजार..
गांव ब्रांस निवासी रामशरण 45 वर्षीय 2020 में घर से बिना बताए कहीं चला गया था। जून 2020 में उसके परिजनों ने निसिंग थाना को शिकायत भी दी लेकिन अब करीब एक साल बीतने को है उसका कोई सुराग नहीं है। उसकी पत्नी और बच्चे उसका इंतजार कर रहे हैं और उन्हें खुद ही मजदूरी करनी पड़ रही है।
पुलिस को जब किसी व्यक्ति के गुमशुदा होने की सूचना मिली है तो मामला दर्ज कर उसकी गहनता से जांच की जाती है। पुलिस द्वारा हर संभव प्रयास किए जाते हैं। अधिकतर मामलों में पुलिस ने लापता व्यक्तियों को तलाश भी लिया है। बाकि के मामलों में भी पुलिस की जांच जारी है।
गंगाराम पुनिया, एसपी करनाल।