नोटबंदी के बाद पुराने नोटों के बदले ज्यादा कीमत में सोना बेचने वाले गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आठ नवंबर को सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद करने के बाद कालाधन रखने वालों के होश उड़ गए थे। ऐसे में कुछ लोग अपने धन को सफेद करने की फिराक में घूमने लगे और कुछ इस दौरान पैसे कमाने के लिए कमीशन एजेंट बन गए।
ऐसा करके कमीशन प्राप्त करने वालों और काला धन रखने वालों के अंजाम तक पहुंचने के लिए पुलिस ने भी अपनी कमर कस ली थी। पुलिस की सीआईए टू टीम प्रभारी आजाद सिंह की देखरेख में बीती शाम को गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-13 में कमीशन एजेंटों का एक गिरोह सरकार द्वारा बंद किए 500 और 1000 के नोटों के बदले सोने को सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से महंगे दामों पर बेच रहे हैं। इसकी सुचना मिलते ही सीआईए टू प्रभारी ने एएसआई शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक टीम को सेक्टर-13 के लिए रवाना किया।
इस पर कार्रवाई करते हुए शैलेंद्र कुमार ने अपनी टीम के ही एक सदस्य को नकली ग्राहक बनाकर उस गिरोह के सदस्यों के साथ पुराने नोट देकर महंगे दाम पर सोना खरीदने के लिए भेजा। वहां पर पहुंचकर उसने देखा कि वहां पर चार व्यक्ति मौजूद थे, उसने उनके साथ सौदेबाजी की। सौदा पक्का करने के साथ-साथ उसने अपनी टीम को संकेत दे दिया और एएसआई शैलेंद्र कुमार ने चारों आरोपियों को मौके पर धर दबोचा।
पुलिस की टीम ने आरोपी निर्मल वासी कालु खेड़ा जिला उन्नाव यूपी हाल ही ठठेरा मोहल्ला, सर्राफा बाजार करनाल, गौरव वासी सेक्टर-13, अनूप कुमार मज्जी वासी हट कमालपुर जिला हुगली, पश्चिम बंगाल हाल ही किरायेदार वार्ड 12 असंध और विक्रम मेहता उर्फ विक्की वासी सैनी कालोनी मॉडल टाउन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से सोने को पिघलाकर बनाई गई 711 ग्राम की सोने की गांठें बरामद की। आरोपी इन सोने की गांठों को पुराने नोटों के बदले महंगे दाम पर बेचने का काम कर रहे थे।