संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज 15 नवंबर से होगा। 21 दिन तक चलने वाले इस महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पवित्र ब्रह्मसरोवर के तटों पर सहभागी मध्य प्रदेश सहित विभिन्न प्रदेशों की लोक सांस्कृतिक कला के रंग महोत्सव की फिजा बदलेंगे।
ब्रह्मसरोवर व आसपास के क्षेत्र में चित्रकारी, रंगाई पुताई से लेकर साफ-सफाई व आकर्षक सजावट की जा रही है। धर्मनगरी के चौक-चौराहों को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। 14 नवंबर तक ऑनलाइन गीता क्विज, 16 नवंबर को गीता रन का आयोजन होगा।
15 नवंबर से 5 दिसंबर तक शिल्प और सरस मेला चलेगा और रोजाना सायं के समय आरती स्थल पर भजन संध्या और महाआरती का आयोजन होगा। विदेश मंत्रालय की पहल पर कुरुक्षेत्र में 15 नवंबर से पांच दिसंबर तक होने वाले महोत्सव में 15 से ज्यादा देशों के 25 स्कॉलर भी पहुंंचेंगे।
ये होंगे मुख्य कार्यक्रम : महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक होंगे। इसमें हरियाणा पवेलियन, पार्टनर स्टेट, पुस्तक मेला, जनसंपर्क विभाग की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी, पुरुषोत्तमपुरा बाग में मुख्य मंच पर दिन और सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम, 24 नवंबर को गीता यज्ञ, गीता पूजन, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, सर्वधर्म सम्मेलन, ज्योतिसर व सन्निहित सरोवर पर श्रीमद्भगवद गीता और पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
25 को विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, ज्योतिसर व सन्निहित सरोवर पर कथा, पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रम, 26 को गीता सेमिनार का समापन व पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रम, 27 को पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रम, 28 से 30 को गीता श्लोकोच्चारण, वाद विवाद, निबंध लेखन, पेंटिंग, रंगोली, मेहंदी सहित अन्य प्रतियोगिताएं होंगी। 1 दिसंबर को सुबह नौ बजे ज्योतिसर में गीता पाठ और यज्ञ, थीम पार्क में वैश्विक गीता पाठ, विश्वविद्यालय में 48 कोस तीर्थ सम्मेलन, सायं 5:30 पर सन्निहित सरोवर पर दीपोत्सव, छह बजे ब्रह्मसरोवर पर दीपदान व आरती और पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा का कहना है कि सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।