संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पहली दिसंबर से संशोधित कलक्टर दरें लागू हो जाएंगी। इसके बाद खासकर शहरी क्षेत्र में जमीनें महंगी हो सकती हैं। जिलेभर में 10 से 25 प्रतिशत तक जमीन का रेट बढ़ सकता है। यही कारण रहा कि शुक्रवार को अंतिम कार्यदिवस होने के कारण दिनभर रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ लगी रही।
संशोधित दरों के लागू होने से कई स्थानों पर जमीन महंगी हो सकती है, जिससे लोग पुराने कलेक्टर रेट पर ही अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं। तहसील कार्यालयों में भीड़ अधिक होने और सर्वर बार-बार ठप होने के कारण लोगों को रजिस्ट्री कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह से तहसील में जमा लोगों ने बताया कि वे 11 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन सरवर काम नहीं कर रहा है। इसके चलते रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। अधिकारियों ने बताया कि ओटीपी जेनरेट नहीं हो पा रही है, जिससे रजिस्ट्री में देरी हो रही है।
संशोधित दरों का प्रभाव राजस्व विभाग के अनुसार, ये संशोधित कलक्टर दर भूमि और संपत्तियों के न्यूनतम रजिस्ट्री मूल्य को परिभाषित करती हैं। इन दरों के लागू होने से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और रियल एस्टेट बाजार को गति मिलेगी। हालांकि, इससे जमीनों की कीमतें बढ़ने की संभावना है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है। लोगों की चिंता रजिस्ट्री कराने आए लोगों का कहना है कि अगर आज रजिस्ट्री नहीं हो पाई, तो उन्हें नई दरों के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
तहसील कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि सर्वर की समस्या को ठीक करने के प्रयास किए गए। साथ ही, उन्होंने कहा कि भीड़ को देखते हुए प्रक्रिया को जल्द से जल्द सुचारू बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं।