माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) देने जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज के करनाल डिपो ने पूरी व्यवस्था की थी। लेकिन बाहरी जिलों से जब हजारों युवाओं की भीड़ पुराने बस स्टैंड पर पहुंची तो न केवल डिपो बल्कि शहर की व्यवस्था भी दोनों शिफ्ट में कुछ समय के लिए चरमरा गई। भीड़ के कारण सड़कों पर जाम से जहां दूरियां बढ़ी, वहीं बसों की छतों पर बैठकर या पीछे और खिड़कियों पर लटक कर सफर करना कई अभ्यर्थियों के लिए मजबूरी बना।
परीक्षा के दूसरे दिन करनाल से सात जिलों के परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए दोनों शिफ्ट में 230 बसें चली। 62 बसों ने शहर में फेरे लगाए। यानी बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को उनके केंद्र तक पहुंचाया। सुबह आठ बजे तक बाहर जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए सुगम व्यवस्था रही। जैसे-जैसे अभ्यर्थी आते गए, उन्हें बसों में बैठाया गया। बस की सीटें भरते ही उसे रूट पर रवाना करते गए। लेकिन पहली शिफ्ट की परीक्षा खत्म होने के बाद शहर की सड़कों पर जाम लगना शुरू हो गया। देर शाम दूसरी शिफ्ट की परीक्षा खत्म होने के बाद भी जाम के हालात रहे। चंडीगढ़, पंचकूला, पानीपत, कैथल, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र के लिए अलग-अलग काउंटर बनाया गया था। जहां एक के बाद एक बस लगातार लगाकर रूट पर संचालन किया गया। सुबह चार बजे पहली बस रवाना हुई थी। ब्यूरो
तीन जगह लगे हेल्प काउंटर, रूट बनाकर अभ्यर्थी भेजे
प्रशासन की ओर से तीन जगह रेलवे स्टेशन, पुराना बस स्टैंड और नया बस स्टैंड से शटल बस चलाने की व्यवस्था की गई थी। ये बसें बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को उनके केंद्र तक छोड़ कर आई। इसके लिए विशेष हेल्प काउंटर स्थापित किए गए। 48 परीक्षा केंद्रों के लिए करनाल में रोडवेज और परिवहन विभाग की ओर से कुल 13 रूट बनाए गए थे। जिन पर विभिन्न स्कूलों से मंगवाई गई 62 बसें चली। निसिंग, नीलोखेड़ी और इंद्री तक अभ्यर्थी गए।
आम लोगों को हुई परेशानी
दूसरी और रोडवेज की और से जिले के सभी लोकल रूटों से बसों को हटा लिया गया, जिससे वहां से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। अभ्यर्थियों के लिए विभाग की और से पहले दिन 212 बसों का संचालन किया गया। जबकि दूसरे दिन 230 बसों का संचालन किया गया। सुबह उन अभ्यर्थियों को भी परेशानी हुई जो ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। ऐसे युवाओं को अपने साधन से बस स्टैंड पहुंचना पड़ा।
निजी वाहनों ने वसूला मनचाहा किराया
कुछ अभ्यर्थियों को प्रशासन के इंतजामों का पता नहीं था। ऐसे में वे आटो चालक, टैक्सी व ई-रिक्शा से केंद्र पर पहुंचे। इस दौरान निजी वाहन चालकों ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे दो से तीन गुना किराया वसूला। वहीं आम लोगों को भी निजी वाहनों को सहारा लेने के लिए ज्यादा किराया देना पड़ा।
इन जगहों पर लगा ज्यादा जाम
- नेशनल हाईवे पर सेक्टर-14 और आईटीआई चौक।
- रेलवे रोड पर कई सेंटर होने से जाम।
- दयाल सिंह कालोनी की तरफ चार केंद्र होने से कुंजपुरा रोड और अस्पताल मार्ग।
- पुराना बस स्टैंड मार्ग पर देर शाम तक जाम रहा।
- शहर से बाहर जाने के मुख्य मार्ग बलड़ी बाईपास और आईटीआई मार्ग पर।
दोनों दिन बेहतर सेवा देने का प्रयास किया गया। अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए डिपो के तीनों गेट पर हमारी टीमें तैनात थी। जहां से उनका एडमिट कार्ड देखकर उन्हें संबंधित काउंटर से बस लेने के लिए भेज दिया जाता था। 230 बसें दोनों शिफ्ट में रवाना हुई।
- कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज