अंबाला। सरकार को ड्रोन बनाकर देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि डीवीएस वेंचर नामक कंपनी में निवेश कराने के नाम पर आरोपियों ने अंबाला के दर्जनभर लोगों को झांसे में लिया।
इसका खुलासा न्यू शालीमार विहार निवासी चित्रा शर्मा सहित अन्य निवेशकों ने पुलिस को शिकायत देकर किया। आरोप लगाया कि आरोपियों ने दिए कंपनी के फर्जी किराया अनुबंध भी दिए। अंबाला सिटी पुलिस ने आरोही मलिक उर्फ अंजली, संजीव देशवाल और धर्मपाल मोगा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
न्यू शालीमार विहार निवासी चित्रा शर्मा ने बताया कि दिसंबर 2022 में उसे एक जानकार की ओर से एक निवेश प्लान डीवीएस वेंचर का पता लगा। बताया कि यह कंपनी सरकार को ड्रोन बनाकर देती है। इसके लिए कंपनी को निवेशकों की आवश्यकता है। इस प्लान के अनुसार अपने गहनों को गिरवी रखकर डीवीएस वेंचर नामक कंपनी में नौ लाख 90 हजार 232 रुपये निवेश किए।
यह प्लान पांच वर्षों के लिए था। कंपनी की ओर से एक अनुबंध भी दिया गया। किंतु इस प्लान को आरोही मलिक उर्फ अंजली और संजीव देशवाल की ओर से मात्र आठ माह में बंद कर दिया। इस प्लान से जुडे सभी निवेशकों को देहरादून डीवीएस वेंचर के कार्यालय में बुलाकर बकाया राशि के चेक दिए। यह सभी चेक बैंक की ओर से अमान्य कर दिए। इसका कारण हस्ताक्षर न मिलना था।
आरोप लगाया है कि डीएसपी कंपनी की एक बार पहले भी शिकायत दर्ज हो चुकी है। जहां पर आरोही मलिक और संजीव देसवाल की ओर से कहा कि आपको बकाया राशि चेक से दी जाएगी जोकि बैंक की ओर से बाउंस कर दिए हैं। आरोप लगाया कि आरोपी आरोही मलिक उर्फ अंजली, संजीव देशवाल और धर्मपाल मोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही कहा कि आरोपियों के देश छोड़ने का अंदेशा है। इसलिए पासपोर्ट जब्त कराए जाए और डीवीएस वेंचर के फर्जी खातों को सील किया जाए। आरोपियों की ओर से पूनम शर्मा, सचिन कुमार, गुरप्रीत सिंह, कमल सिंह, गुरसेवक सिंह, संजय कुमार, गुरप्रीत सिंह, गुरविंद्र सिंह, नरेंद्र कुमार गुप्ता और राजविंद्र कौर से भी लाखों की धोखाधड़ी की।