शहर में विभिन्न निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों (कांट्रेक्टरों) का पिछले छह महीने से करीब 20 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि निर्माण कार्यों की डिफेक्ट लायबिलिटी एक साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया है। जिससे ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को जाट भवन में बैठक कर नगर निगम कांट्रेक्टर यूनियन का गठन किया। साथ ही अपनी मांगों पर चर्चा कर निगम के प्रति कड़ी नाराजगी जाहिर की। चेतावनी दी कि यदि आठ दिन के अंदर उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया तो पूरे शहर के सभी निर्माण कार्यों को ठप कर दिया जाएगा।
प्रधान गंगाराज ने कहा कि सरकार के आदेश हैं कि ठेकेदार का भुगतान 21 दिन में किया जाए, लेकिन नगर निगम छह छह माह बाद भी भुगतान नहीं कर रहा है। शहर में करीब 20 करोड़ रुपये के कार्य हो गए हैं, जिनका भुगतान अभी नहीं किया गया है। मॉनीटरिंग कमेटी कार्य पूरा होने के कई माह बाद मौके पर जाकर मानीटरिंग की खानापूर्ति कर रही है। सबसे अधिक डेफिशिएंट कॉलोनियों के कार्यों में ये दिक्कत आ रही है। फिर उसमें ऑब्जेक्शन लगा दिए जाते हैं। कांट्रेक्टर बिना वजह कई महीनों तक निगम के चक्कर लगाता रहता है। उन्होंने एलान किया कि यदि आठ दिनों में बकाया भुगतान नहीं किया गया तो सभी कांट्रेक्टर पूरे शहर के निर्माण कार्य बंद कर देंगे। इन दिनों शहर में सड़क, भवन, गलियों आदि का 50 करोड़ रुपये का कार्य चल रहा है।
गलत बनाया नियम
नगर निगम कांट्रेक्टर यूनियन के प्रधान गंगाराज ने बताया कि अभी तक मरम्मत कार्य, 25 लाख रुपये तक के कार्यों की डीएल (डिफेक्ट लायबिलिटी) छह माह और सिविल वर्क व 25 लाख से अधिक के कार्यों की डीएल एक साल है, लेकिन नगर निगम ने भी कार्यों की डिफेक्ट लायबिलिटी को पांच कर दिया है। यानी पूरे कर दिए गए निर्माण कार्य में कोई खराबी होती है तो पांच माह तक ठेकेदारों को ही दुरुस्त करना होगा। यह गलत है, यह अवधि अत्यधिक है।
ठेकेदारों की सुनवाई को बने समिति
नगर निगम ठेकेदार यूनियन ने मांग की कि नगर निगम में इन दिनों ठेकेदारों की सुनने वाला कोई नहीं है। इसलिए सक्षम अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जानी चाहिए, जो ठेकेदारों की समस्याओं को सुने और उनका समाधान कराए।
गंगाराज प्रधान, रुद्रमणि बने सचिव
नगर निगम कांट्रेक्टर यूनियन का गठन कर गंगाराज को प्रधान, वेद प्रकाश को उप प्रधान, रुद्रमणि को सचिव, आरएन जैन को वरिष्ठ उप प्रधान बनाया गया। जबकि रमेश चौधरी, सुशील शर्मा, दीपक, संदीप शर्मा, कालीचरण, राजीव कुमार, अनुज सिंगला, अशोक बठला, डॉ. सोमनाथ देसवाल आदि को सदस्यता दी गई।