इंद्री। नोटबंदी की घोषणा के एक महीने बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। कस्बे के कई बैंकों में तो नगदी ही नहीं है। वहीं जिन बैंकों में थोड़ी बहुत नगदी है, वहां लोगों की बहुत मारामारी हो रही है।
शुक्रवार को कस्बे के अधिकांश बैंकों में नकदी न होने के कारण बैंकों के बाहर नो कैश का बोर्ड लगा दिया गया। ओबीसी बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों ने व्यापारियों को तीन दिन पहले से टोकन दिए हुए हैं, लेकिन शुक्रवार को भी नगदी प्राप्त नहीं होने से व्यापारियों व बैंक शाखा प्रबंधक के बीच कहासुनी हुई। व्यापारी दिनेश, रामपाल सैनी, विकास व राजबीर का आरोप है कि बैंक में नगदी ना होने के कारण बहुत दिक्कतें आ रही हैं। व्यापारियों का आरोप है कि बैंक के कर्मचारी और मैनेजर चोरी छीपे अपने चहेतों को पैसे देते हैं। तीन दिन पहले उन्हें टोकन दिए गए थे, लेकिन पेमेंट नहीं दी गई। व्यापारियों ने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच की मांग की है। उधर, बैंक मैनेजर अरविंद शर्मा का कहना है कि उन्हें हेड ऑफिस से कैश कम मिल रहा है। जितना बैंक में कैश आता है, सारा लोगों में बांट दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को बैंक में तीन लाख रुपये आए और वो लोगों में बांट दिए हैं।