करनाल के घोघड़ीपुर गांव के नजदीक पश्चिमी यमुना नहर में तीन युवक डूब गए। उनको ढुंढने में गोताखोर लगे हैं, लेकिन अभी उनको तलाश नहीं कर पाए हैं। युवकों के परिजन मौके पर पहुंच गए हैं और हर कोई अपनों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। घटना के बाद सदर थाना प्रभारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे।
घोघड़ीपुर के पास करनाल स्थित शाम नगर वासी करीब दस युवक रविवार को नहाने के लिए गए। दोपहर को गर्मी बढ़ने पर वह गांव में जाकर नहाने लगे। इसमें सागर, शैंकी, श्रीनाथ और गगन भी डूबने लगा। साथियों ने गगन को तो बचा लिया लेकिन तीन युवक डूब गए। गोताखोर अब शैंकी, सागर, श्रीनाथ को ढुंढने में लगे हैं। गगन को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया, अब वह ठीक है। जो तीन युवक नहर में डूबे हैं इनमें सागर और श्रीनाथ अपने मां बाप के इकलौते हैं।
नहर में डूबे सागर की मां ने बताया कि उसका पुत्र दिल्ली में सीसीटीवी कैमरों का काम सिख रहा है। उसे शाम के समय दिल्ली जाना था और घर बोलकर आया था कि उसके कपड़े पैक कर दो। नहर में डूबने के काफी देर बाद उनके साथियों ने परिजनों को सूचना दी। नहर के समीप सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्रित रही। गोताखोरों के साथ ग्रामीण भी नहर में नहर में युवकों को ढुंढने में लगे रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नहर का पानी कम करवाया गया है।
सख्ती के बावजूद नहीं मानते युवक
प्रशासन ने नहर में नहाने से सख्त मना किया हुआ है, लेकिन युवक नहीं मानते। प्रशासन को भी चाहिए कि वह नहर में नहाने वालों पर कार्रवाई करे। सिर्फ चेतावनी बोर्ड लगाने से कार्यवाही पूरी नहीं होती। पिछले दिनों नई पुलिस लाइन वासी एक थानेदार का बेटा कैथल पुल के नजदीक नहर में नहाने के दौरान डूब गया था। एक किलोमीटर दूर उसकी डेड बॉडी मिली थी। बड़ा गांव के समीप भाखड़ा नहर में नहाने गए प्यौंत गांव के मामा- भांजा भी नहर में डूब गए। इनमें भी मामा हरगोपाल की डेडबॉडी मिली गई है। इसके अलावा कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन नहर में नहाने वाले युवक समझ नहीं रहे हैं।