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कबड्डी का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी था गुलाब बस्तली

Fri, 09 Dec 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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कबड्डी का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी था गुलाब बस्तली - फोटो : Amar Ujala
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सीएम सिटी में बदमाशों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग कर दो साथियों के साथ मौत के घाट उतारा गया गुलाब बस्तली कबड्डी का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी था, जिसने भारत की टीम को कई मेडल दिलाए थे। पिछले कई सालों से गुलाब ने कबड्डी खेलना छोड़ दिया था। अब वह शराब की ठेकेदारी करता था। हालांकि वह समय-समय पर गांवों में कबड्डी प्रतियोगिताएं आयोजित करवाता रहता था। नरेश, गुलाब, चांद, मनोज सहित इनके अन्य साथियों ने 5-6 नवंबर को गांव बस्तली में कबड्डी का मुकाबला भी करवाया था। सभी आपस में अच्छे दोस्त थे। इसलिए सभी शादी समारोह में भी इकट्ठा जाते थे।
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वीरवार को भी सभी एक शादी समारोह में जा रहे थे। इसी दौरान आठ-दस हथियारबंद लोगों ने सभी पर हमला कर दिया। गोलियां लगने से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गुलाब, जिम संचालक नरेश और राजेश निवासी जाणी की मौत हो गई। लोग गुलाब को पहलवान के नाम से जानते थे। उसने कई अच्छे कबड्डी खिलाड़ी भी तैयार किए हैं। गुलाब बस्तली अपने पीछे एक लड़का और एक लड़की छोड़ गया है। राजेश का भी तीन साल का एक लड़का है। दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

फेसबुक पर लिखा था पहलवान की तरफ से सभी भाइयों को राम-राम
गुलाब बस्तली ने वारदात से आधा घंटे पहले दोपहर एक बजे अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा था कि पहलवान की तरफ से सभी भाइयों को राम-राम। उसके बाद करीब डेढ़ बजे पहलवान को गोली लग गई। उसके बाद पहलवान के साथियों ने राम राम भाई का रिप्लाई भी देना शुरू किया। किसी ने पहलवान के स्टेटस पर नाइस का कमेंट किया तो किसी ने नाइस पिक का कमेंट किया। इसी प्रकार राम राम के कमेंट की तो लाइन ही लग गई। शाम करीब चार बजे पहलवान के स्टेटस पर कमेंट किया गया कि भगवान आपकी आत्मा को शांति दे। इसके बाद कुछ लोगों ने मिस यू यार तो किसी ने बहुत याद आओगे जैसे कमेंट किए।
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पांच बहनों का इकलौता भाई और छह दिन की बिटिया का पिता था नरेश
फ्रेंड्स कालोनी में पर्सनेल्टी जिम के संचालक नरेश कुमार पांच बहनों का इकलौता भाई था। नरेश की दो बहनों की तीन साल पहले शादी हो चुकी है। जबकि तीन बहनें अविवाहित हैं। नरेश का विवाह डेढ़ साल पहले हुआ था। उसकी पत्नी ने दो दिसंबर को ही एक बेटी को जन्म दिया है। छह दिन की बेटी को अपने पापा की पहचान भी नहीं हुई थी कि बेटी के सिर से बाप का साया उठ गया। नरेश की मौत के बाद उसके परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है। नरेश के माता-पिता और छोटी बहन अस्पताल में बुरी तरह बिलख रहे थे। नरेश की बहन अपने भाई को देखने की जिद करती रही।
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