गांव कालरम में मामुली-सी कहासुनी को लेकर दो गुटों में झगड़ा हो गया। जिसमें दोनों पक्षों में एक महिला सहित लगभग आठ लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए घरौंडा सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। एक पक्ष का आरोप है कि मेडिकल के समय दूसरे पक्ष ने उन पर अस्पताल में ही हमला बोल दिया। जिससे ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर व नर्स ने भागकर अपनी जान बचाई। अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को की है।
रविवार को गांव कालरम में रविदास चौक पर कुछ युवकों का झगड़ा हो गया। जिसमें लगभग चार लोग घायल हो गए। जिनको उपचार के लिए घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया। झगड़े में एक पक्षक युवक राजेश, राकेश, शेखर, सागर, तरसेम को गंभीर चोटें आई, जबकि दूसरे पक्ष के शिवा, मोहित महिला सोना घायल हो गए। एक पक्ष का आरोप है कि जिस समय वे अस्पताल में अपना उपचार करवा रहे थे तो दूसरे पक्ष के लोग अस्पताल में आ पहुंचें और उन पर हमला बोल दिया, जबकि दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है कि गुरू रविदास चौक पर गांव के कुछ युवको के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल में किसी के साथ कोई झगड़ा नही किया।
सीएचसी में नही कोई सुरक्षा : एमओ
डॉ. बलबीर का कहना है कि घरौंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लड़ाई-झगड़े का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सीएचसी के अंदर कई बार लाठी व डंडे चल चुके है, लेकिन अस्पताल में किसी प्रकार की कोई सुरक्षा न होने के कारण डॉक्टरों व नर्सों को मौके से भागकर अपनी जान बचानी पड़ती है।
जांच जारी-एसएचओ
हीं मधुबन थाना प्रभारी गौरव पुनिया का कहना है कि गांव कालरम में दो गुटों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। दोनों पक्षों ने शिकायत थाने में दर्ज करवाई है। मामले की जांच की जा रही है।