स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने भ्रूण लिंग जांच के आरोप में सब्जी मंडी के नजदीक अस्पताल पर छापेमारी की। इस दौरान एक महिला एजेंट को गिरफ्तार को चार हजार रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि आरोपी डॉक्टर टीम को चकमा देकर दस हजार रुपये लेकर फरार हो गई। विभाग की टीम ने अस्पताल का सारा रिकॉर्ड कब्जे में लेकर अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया है। अल्ट्रासाउंड मशीन को पुलिस ले गई है। वहीं, पुलिस ने आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायत मिल रही थी सब्जी मंडी के पास स्थित जगदंबा अस्पताल एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर पर लिंग जांच की जाती है। विभाग द्वारा मामले का पर्दाफाश करने के लिए अपनी ही एक महिला स्टॉफ को तैयार कर लिंग जांच करवाने के लिए भेजा गया। लिंग जांच के लिए महिला स्टॉफ एजेंट रेनू से मिली और चौदह हजार में सौदा तय हुआ। ऐसे में टीम ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर साइन किए हुए पैसे दिए। शनिवार दोपहर बाद जैसे ही महिला सेंटर पर लिंग जांच कराने के लिए गई तो आरोपी डा. नैना बंसल ने बिना किसी दस्तावेज के ही लिंग जांच के लिए महिला का अल्ट्रासाउंड कर दिया। इसी दौरान एजेंट रेनू को 14 हजार रुपये दे दिए गए। डा. नैना बंसल ने जांच रिपोर्ट महिला को बताने की बजाए एजेंट रेनू को बता दी। इसके बाद रेनू ने एक मिठाई की दुकान पर जाकर महिला को उसकी रिपोर्ट का खुलासा किया। इतने में ही डॉ. राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम व पुलिस ने एजेंट रेनू को गिरफ्तार कर लिया। जब तक टीम एजेंट रेनू को साथ लेकर जगदंबा अस्पताल पहुंची तब तक डॉक्टर नैना बंसल टीम को चकमा देकर दस हजार रुपये का साथ फरार हो गई। पुलिस ने जांच के दौरान एजेंट रेनू से साइन किए हुए चार हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
बीएससी नर्सिंग का कोर्स कर रही एजेंट रेनू एजेंट रेनू पानीपत के वार्ड-18 के जाटल रोड की रहने वाली है। वह अंबाला के एक मेडिकल कॉलेज से नर्सिंग का कोर्स भी कर रही है। वह पानीपत के सामान्य अस्पताल में स्टाफ नर्स भी रह चुकी हैं। यही नहीं उसके पति भी बीएएमएस डॉक्टर हैं तथा उनका अपना क्लीनिक भी है। रेनू की मायके करनाल के जुंडला गेट के रहने वाले हैं। इसलिए उसका अक्सर करनाल में आना जाना होता है तथा जगदंबा अस्पताल की डॉक्टर नैना बसंल के साथ उनका पारिवारिक संबंध बताया जाता है।
अस्पताल से नहीं मिली अल्ट्रासाउंड सेंटर की चाबी अल्ट्रासाउंड के बाद जब तक टीम छापामारी करती तब तक डॉक्टर नैना बसंल चाबी लेकर अस्पताल से भाग गई। बाद में टीम द्वारा डॉ. संजय बंसल की मौजूदगी में डुप्लीगेट चाबी बनवाकर अल्ट्रासाउंड सेंटर को खोलकर जांच की। इस दौरान टीम ने पूरे कमरे की बारीकी से जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभी रिकार्ड कब्जे में लिया है। टीम को संदेह है कि यहां पर लिंग जांच का कार्य काफी समय से चल रहा था।
रेनू के साथ उसकी छोटी बहन व मां भी आई अस्पताल एजेंट रेनू अपनी मां लक्ष्मी व छोटी बहन को भी शॉपिंग करने के बहाने साथ लेकर आई थी। अल्ट्रासाउंड कराने के बाद जब पुलिस ने आरोपी रेनू को गिरफ्तार किया तो उस वक्त भी उसकी मां व बहन उसके साथ ही थी। लक्ष्मी ने बताया कि उसका कोई बेटा नहीं केवल पांच बेटियां हैं। किसी ने उसकी बेटी को फसाने के लिए यह शड्यंत्र रचा है।
विभाग को कई दिन पहले मिली थी सूचना सिविल सर्जन डा. संतलाल वर्मा ने बताया कि उन्हें कई दिन पहले ही शहर के जगदंबा अस्पताल में लिंग जांच का कारोबार होने की सूचना मिली थी। विभाग द्वारा छानबीन के बाद मामले का पर्दाफाश करने की योजना बनाई थी। विभाग को सूचना मिली थी कि पानीपत की कोई महिला अस्पताल के लिए एजेंट के रूप में काम कर रही है। जांच के दौरान अस्पताल में लिंग जांच के मामले की पुष्टी भी हुई है। अभी मामले की जांच चल रही है। इसमें जो-जो दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आम आदमी को लिंग जांच करने वालों की शिकायत करनी चाहिए।
आरोपी महिला डॉक्टर की तलाश जारी सिटी थाना प्रभारी मोहनलाल ने बताया कि एक महिला एजेंट रेनू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी डॉक्टर नैना बसंल अभी फरार हैं। जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया है। मशीन को थाने के अंदर लाया जाएगा।