इंद्री। प्रशासन ने धान के अवशेष खेत में जलाने वाले किसानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को क्षेत्र के गांवों के पांच किसानों के चालान काटे गए और उन पर जुर्माना लगाया गया। इस मामले में प्रशासन सतर्क हो गया है और प्रशासनिक अधिकारी इस कार्य में वातावरण विभाग का सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन के बार-बार अपील करने के बावजूद अनेक किसान नहीं मान रहे थे और धान के अवशेष जलाने में जुट गए थे, लेकिन अब इस मामले में प्रशासन सख्त हो गया। प्रशासन ने तहसील कार्यालय में किसानों के लिए हिदायतों संबंधी बैनर भी टांग दिया है, ताकि किसानों को प्रशासन के आदेशों का पता चल सके। तहसीलदार नरेश गौत्तम ने बताया कि गांवों में धान के फाने व अवशेष खेतों में फूंकने वाले किसानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। तहसीलदार नरेश गौत्तम ने बताया कि गांव फुसगढ, बुढ़नपुर बांगर, रामगढ़, घिसरपुरी गांव के पांच किसानों के चालान काटे गए और उन पर 2500-2500 रुपये जुर्माना लगाया गया। वातावरण विभाग के एसडीओ द्वारा किसानों पर कार्यवाही की गई।