जिला अदालत में मंगलवार को पेशी पर आए बदमाश नीरज पूनिया पर कोर्ट रूम में ही पुरानी रंजिश को लेकर तीन युवकों ने फायरिंग कर दी। इससे पूनिया के अलावा दो पुलिस कर्मचारी घायल हो गए। घायल पुलिस कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि पूनिया को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। उधर, वारदात को अंजाम देने के बाद भागने की कोशिश कर रहे तीनों हमलावरों को हथियारों समेत काबू कर लिया गया। एसपी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया है।
करनाल में हुई दो भाइयों अमित और नीरज की हत्या के आरोपी नीरज पूनिया सहित चार अन्य लोगों की पेशी के लिए मंगलवार की सुबह लगभग पौने 11 बजे कुरुक्षेत्र पुलिस के जवान कोर्ट परिसर पहुंचे थे। जैसे ही पूनिया और पुलिस कर्मचारी जिला न्यायालय परिसर के प्रथम तल पर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र सिंह वधवा की कोर्ट के बाहर पहुंचे तो वहां पहले से खड़े दो युवकों ने उन पर गोलियां दाग दीं। पहली फायरिंग खाली गई, जबकि दूसरी गोली कुरुक्षेत्र पुलिस के जवान रिक्की की बाजू में लगते हुए कुख्यात पूनिया के पेट में लग गई।
वहीं, कोर्ट में ड्यूटी पर तैनात एएसआई जितेंद्र के सिर में भी छर्रे लगे। इससे वह भी घायल हो गया। इसके बाद पूनिया और पुलिस कर्मचारी वधवा की कोर्ट में घुस गए। हमलावरों में एक आरोपी कोर्ट में घुसकर वहां भी दो गोलियां दाग दीं। कोर्ट रूम के अंदर चली गोली कठघरे में लगी। घटना के तुरंत बाद तीनों आरोपी भागने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों आरोपी अमन निवासी सांभी, खिल्लू उर्फ डेविड (मृतक विकास का भाई) निवासी विकास नगर और अंकुश निवासी कमालपुर, करनाल को हिरासत में ले लिया।
गोलियों की आवाज से अदालत परिसर में दहशत का माहौल पैदा हो गया और कुछ ही देर में जज और वकील एकत्र हो गए। घटना के तुरंत बाद एसपी जेएस रंधावा ने घटना स्थल का मुआयना किया। एसपी का कहना है कि मामला पुरानी रंजिश का है। केस दर्ज कर जांच की जा रही है। अदालत परिसर की सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
गांव के दो युवकों की हत्या के आरोप में जेल में है पूनिया
गौरतलब है कि करनाल के गांव फूसगढ़ निवासी नीरज पूनिया पर हत्या समेत कई मामले दर्ज हैं। पूनिया पर गांव के ही युवक नीरज की हत्या का भी आरोप है। इससे पहले पुलिस ने उस पर पांच लाख रुपये का इनाम भी रखा था।
बता दें कि कुख्यात नीरज ने 21 जनवरी, 2014 को सेक्टर छह की कोठी नंबर 1538 में अपने दोस्तों के साथ बैठे युवक अमित पर ताबड़तोड़ गोलियां दागते हुए उसकी हत्या की थी। अमित के केस में मुख्य गवाह बने अमित के चचेरे भाई विकास कालोनी निवासी नीरज की भी 18 दिसंबर, 2014 को पूनिया ने हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पर 5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। पूनिया को फरवरी 2015 में रेवाड़ी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से आरोपी करनाल जेल में बंद है। बाद में उसे कुरुक्षेत्र जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।