पटेल मार्केट में शुक्रवार रात हुई लूट के मामले में शनिवार को पटेल
मार्केट के सभी व्यापारी इकट्ठा होकर एसपी करनाल के आवास पर पहुंचे। इस
दौरान व्यापारियों ने एसपी को सारी घटना के बारे में बताकर सहयोग मांगा।
एसपी ने सभी व्यापारियों की बातों को ध्यान से सुना व इस मामले में जल्द ही
आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। हालांकि इससे पहले सूचना दी गई थी
कि व्यापार मंडल इस घटना के विरोध में कपड़ा मार्केट बंद करेगा, लेकिन इस
मामले में एकजुटता नहीं बन पाई। एसपी के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने
पूरी तरह से कपड़ा मार्केट को बंद करने के निर्णय को ठंडे बस्ते में डाल
दिया। वहीं, दूसरी ओर सिटी थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर मोहन लाल इस मामले
की जांच करते हुए दोपहर करीब 12 बजे व्यापारियों के बीच पहुंचे और उनसे इस
घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। मोहन लाल ने जल्द ही आरोपियों को
गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
जीप में भागे थे लुटेरे
शुक्रवार
देर रात पटेल मार्केट में त्रिखा टेक्सटाइल के संचालक हरीश त्रिखा जब
दुकान को बंद करके चलने के लिए तैयार थे तो उन्होंने दुकान में रखे 3 लाख
60 हजार रुपये एक बैग में रख लिए। दुकान का शटर बंद करने के लिए रात करीब 8
बजकर 58 मिनट जैसे ही चलने लगे तो एक युवक आया और बैग को उठाकर वहां से
भागा। दुकानदार सतीश ने इस युवक का पीछा भी किया, लेकिन यह युवक अमर डेयरी
के पास से एक जीप में बैठकर फरार होने में कामयाब रहा। अब पुलिस इस जीप के
माध्यम से आरोपियों को सुराग लगाने की कोशिश करेगी। सिटी थाना प्रभारी मोहन
लाल ने बताया कि आरोपियों की तलाश जारी है, जल्द ही उन्हें काबू कर लिया
जाएगा।
इस दौरान व्यापारियों ने बताया कि लुटेरे गगसीना, स्टोंडी,
घोघड़पुर के एरिया के ही हो सकते हैं। चूंकि इसी एरिया के युवक ज्यादा खुली
जीप का प्रयोग करते हैं। इसी क्षेत्र में ही इस तरह की जिप्सी चलती हैं।
वहीं दूसरी ओर रात 9 बजे ही पुलिस ने राज्यस्तरीय वीटी करा दी थी। यदि
लुटेरे राज्य के प्रमुख मार्गों पर होते तो निश्चित तौर पर उसकी समय पकड़े
जाते, लेकिन वह आसपास के ही गांव में छिप गए थे। ऐसे में पुलिस का शक की
इन्हीं एरिया की तरफ ज्यादा है।
सीसीटीवी की ली जाएगी सहायता
इस
दौरान पटेल मार्केट में बेशक बाहर की ओर एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं था,
लेकिन लुटेरे गवर्नमेंट महिला कॉलेज की ओर से भागे थे। अलबत्ता इस ओर कई
दुकानों व एसबीआई के एटीएम सहित कई अन्य दुकानों के बाहर सीसीटीवी लगे हैं।
पुलिस को इन सीसीटीवी कैमरों से भी सुराग की आस रहेगी। अब यही सीसीटीवी
कैमरे इस गुत्थी को सुलझा सकेंगे।