घरौंडा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल की एक कक्षा में लड़कियों ने बीयर पीकर नए साल का जश्न मनाया। जब कक्षा की अन्य लड़कियाें को बदबू महसूस हुई तो उन्होंने टीचर को इस मामले की शिकायत की। बाद में प्रिंसिपल समेत अन्य टीचरों ने बैग जांचे तो तीन छात्राओं के बैग से बीयर की बोतल, नमकीन व गिलास भी बरामद किए। प्रबंधन ने मामले को लेकर तुरंत छात्राओं के परिजनों से संपर्क साधा और तीनों को उनके परिजनों को सौंप दिया। घरौंडा के बीईओ ने लड़कियों के बैग से बीयर की बोतलें मिलने की पुष्टि की है।
मामले के अनुसार, शनिवार को स्कूल में उस समय हंगामा मच गया, जब छात्राओं ने बताया कि उनकी कक्षा की तीन लड़कियों ने बीयर पी है और उनके बैग में भी बोतल हैं। क्लास टीचर के साथ-साथ प्रिंसिपल भूपेश कुमारी समेत अन्य स्टाफ क्लास में पहुंचा और छात्राओं के बैग चेक किये तो वे भी चौैंक गए। स्कूल प्रबंधन ने यह सारा सामान अपने कब्जे में ले लिया और लड़कियों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। करीब दो घंटे तक स्कूल में यह मामला गूंजता रहा और आखिरकार लड़कियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। स्कूल के सूत्रों का दावा है कि लड़कियों ने नये साल का जश्न मनाने के लिए यह किया है।
छात्राओं के बैग से बरामद की बीयर की बोतलें : बीईओ
घरौंडा के खंड शिक्षा अधिकारी परमजीत सिंह ने बताया कि इस मामले में घरौंडा स्कूल की प्रिंसिपल ने जानकारी दी थी कि तीन लड़कियों को बैग से बीयर की बोतलें बरामद की गई हैं। इस पर परिजनों को बुलाया गया था और उन्हें लड़कियों के गलत दिशा में जाने के बारे में बताया गया, साथ ही उन पर ध्यान देने की बात कही गई थी। ज्यादा जानकारी प्रिंसिपल ही दे सकती हैं।
स्टाफ बोलने को तैयार नहीं, बोले हम तो हाफ डे की छुट्टी पर थे
इस मामले में स्कूल प्रिंसिपल भूपेश कुमारी का मोबाइल नंबर नोट रिचेबल रहा तो अध्यापक शेर सिंह ने बताया कि वह तो हाफ डे की छुट्टी पर थे, इसलिए उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने लड़कियों के बैग चेकनहीं किये थे। इस बारे में प्रिंसिपल ही कुछ बता सकती हैं। उधर, जब स्कूल के क्लर्क राकेश कुमार से पूछा गया तो उन्होंने भी कहा कि वह हाफ डे की छुट्टी पर था।
आखिर कैसे पहुंची स्कूल तक बीयर
सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा के मंदिर तक में बीयर की बोतलें ले जाने की हिम्मत छात्राओं की कैसे हुई? क्या इससे पहले भी छात्राएं ऐसा कर चुकी हैं? इस मामले को लेकर स्कूल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं? सवाल यह भी है कि छात्राओं ने कक्षा में कैसे बीयर पी ली? इस पूरे मामले को स्कूल प्रबंधन ने दबाने की कोशिश की और आनन फानन में लड़कियों को उनके परिजनों को हवाले कर दिया।