क्षेत्र में बेटा होने की दवाई देने और बिना डिग्री के प्रेक्टिस करने के आरोप पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक क्लीनिक पर छापेमारी की। पुलिस ने दवाइयां सील कर दी हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी कथित डाक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व कर रहे डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र कुमार जब टीम के साथ बंगाली क्लीनिक पर अचानक निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां पर मौजूद चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। डॉ. राजेंद्र कुमार एवं डॉ. कृष्णकांत ने वहां पर कई दवाईयों के साथ-साथ सीरिंजों के सैंपल भी भरे। इसके अलावा, दवाइयां भी सील की गई। डा. राजेंद्र ने बताया कि किसी ने तरावड़ी के बंगाली क्लीनिक की शिकायत सीएम विंडो पर की थी। शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अचानक मंगलवार को तरावड़ी के क्लीनिक पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध दवाइयां मिली हैं, इनके सैंपल ले लिए हैं, इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। आरोप है कि क्लीनिक पर बेटा होने की दवाई भी दी जाती थी, इसलिए दवाइयों की जांच की जाएगी। तरावड़ी थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ तरावड़ी थाने में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।