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प्रशासन के हाथ से निकला मामला, मंत्रियों ने संभाला

Tue, 07 Mar 2017 11:39 PM IST
karnal
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convencing - फोटो : bureau
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 घुड़चढ़ी विवाद को लेकर दो दिनों से लघु सचिवालय के सामने डटे प्रदर्शनकारियों को वापस गांव भेजकर प्रशासन और राज्य सरकार ने राहत की सांस ली है। मंगलवार को विधानसभा में दलितों के गांव छोड़ने का मुद्दा उठने और बुधवार को करनाल में मुख्यमंत्री के आगमन से पहले प्रशासन इस प्रदर्शन को हर हाल में खत्म करना चाहता था, लेकिन अधिकारियों को सफलता नहीं मिल पा रही थी। इसलिए दोपहर बाद प्रदर्शनकारियों को समझाने की बागडोर सरकार में शामिल दलित समुदाय के मंत्रियों ने अपने हाथ ले ली। मंत्रियों की कोशिश के बाद प्रदर्शनकारी मान गए और देर शाम पुलिस की बसों में बैठकर अपने गांव लौट गए। 
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इससे पूर्व जिला प्रशासन के सभी अधिकारी दिनभर प्रदर्शनकारियों को मनाने में लगे रहे। सोमवार देर रात एक बजे लघु सचिवालय से निकलने के बाद डीसी मंदीप बराड़, एसपी जेएस रंधावा सुबह होते ही फिर से लघु सचिवालय पहुंच गए, इनके साथ जिले के सभी एसडीएम, डीएसपी और थाना अध्यक्ष भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे। सुबह करीब 12 बजे दलित समुदाय द्वारा गठित 21 सदस्यीय कमेटी को प्रशासन ने बातचीत के लिए बुलाया। बैठक के बाद जब कमेटी के सदस्य प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर जब सभी मांगों पर सरकार द्वारा सहमति मिलने और प्रदर्शन खत्म करने की बात कही तो लोगों ने कमेटी का ही विरोध शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते प्रदर्शन नहीं खत्म होगा। विरोध के बाद कमेटी के लोग वापस चले गए। प्रदर्शनकारियों ने जब अपने द्वारा भेजी गई कमेटी की बात नहीं मानी तो प्रशासनिक अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। आनन-फानन इसकी सूचना सरकार को दी गई।

मौके पर पहुंचे अठावले और दुग्गल
इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर सबसे पहले पहुंचे केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले व हरियाणा अनुसूचित जाति की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। अठावले ने कहा कि जो भी दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन इस समस्या का निदान पलायन नहीं है। इसलिए आप लोग वापस लौट जाएं। वहीं केंद्रीय मंत्री के साथ आई हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की चेयर पर्सन सुनीता दुग्गल ने प्रदर्शनकारियों से विवाद की जानकारी लेते हुए कहा कि, आपको घुड़चढ़ी से कोई नहीं रोक सकता, अगर पूरा मामला घुड़चढ़ी को लेकर है तो मैं आप लोगों के साथ घोड़ी पर चढ़ कर सग्गा गांव तक जाऊंगी। अगर किसी की हिम्मत है तो रोक कर दिखाए, लेकिन आप लोग अब प्रदर्शन खत्म कर दीजिए, आपकी सभी मांगें पूरी हो गई हैं।
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प्रशासन की सख्ती पर बसों से कूद कर भाग लोग
देर शाम जब मंत्री कृष्ण बेदी ने सभी मांगें पूरी करने के आश्वासन देने के बाद लोगों से घर लौटने की अपील की तो लोगों ने घर जाने से मना कर दिया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस लोगों को पकड़-पकड़ कर बसों में बैठाने लगी। कुछ तो बैठ गए, लेकिन कई लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। बस को भरने के बाद जब बस आगे बढ़ने लगी तो उसमें बैठे कई लोग चलती बस से ही कूदने लगे। जिस कारण बस फिर से रुक गई। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद पुलिस को प्रदर्शनकारियों को सचिवालय के सामने से हटाने में सफलता मिली।

 
इन मांगों पर बनी सहमति
मंत्री कृष्ण बेदी ने धरने पर बैठे दलित समुदाय के लोगों से कहा कि सरकार ने आपकी सभी मांगे मान ली है। इसमें गांव सग्गा में पुलिस चौकी की स्थापना करवाने, इस मामले में शामिल दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करवाने ,घायलों का मुक्त इलाज करवाने, जिन बच्चों की परीक्षाएं प्रभावित हुई है, उनकी परीक्षा दोबारा दिलवाने की बात शामिल है। इसके अलावा आप लोगों की सुरक्षा व मान-सम्मान को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सग्गा गांव में पुलिस चौकी भी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा  एसआईटी का गठन करने के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये गए हैं। उन्होंने गांव में शांति कमेटी के गठन का भरोसा दिया। 


सवर्ण समुदाय के लोगों ने भी की बैठक 
एक तरफ जहां दलित समुदाय के लोग दिनभर सचिवालय के सामने डटे रहे, वहीं दूसरी तरफ सचिवालय से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित राजपूत भवन में सवर्ण समुदाय के लोगों ने भी पंचायत की। समुदाय की तरफ से एक कमेटी गठित कर प्रशासन के पास भेजी गई। पंचायत के बाद डीएस राजपूत ने कहा कि हम समाज के सभी लोगों के साथ भाईचारा बनाये रखने में विश्वास रखते हैं और भाईचारे की राह पर सभी को साथ लेकर चलेंगे। सभी को समझाया जा रहा है कि भाईचारे से बड़ा कुछ नहीं इसलिए भाईचारे की भावना के साथ सभी को आपसी सहयोग के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।


 
दलितों के साथ गांव पहुंचे मंत्री व अधिकारी 
करनाल से दलितों के साथ मंत्री कृष्ण बेदी, डीसी मंदीप बराड़, एसपी जेएस रंधावा व अन्य अधिकारी भी सग्गा गांव पहुंचे। वहां पर सुरक्षा का जायजा लेने के साथ मंत्री कृष्ण बेदी व अधिकारी समुदाय के लोगों समझाने में लगे रहे। लोगों ने कहा कि उन्हें यहां पर डर लग रहा है, इस पर अधिकारियों ने पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया। मंत्री व अधिकारी रात करीब 10 बजे तक गांव में ही डटे रहे। लोगों की सुरक्षा के लिए गांव में सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात हैं।


आज करनाल आएंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आज करनाल आ रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अधिकारियों पर मंगलवार तक प्रदर्शन को खत्म कर देने का दबाव था। जिस कारण प्रशासन और सरकार प्रदर्शनकारियों को हटाने में लगी हुई थी। मुख्यमंत्री आज यहां पर फूलों की होली खेलने के लिए आ रहे हैं। मेयर रेनू बाला गुप्ता द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ आरएसएस के सह प्रांत संघ चालक पवन कुमार जिंदल भी हिस्सा लेंगे। इस होली उत्सव के लिए 30 क्विंटल गुलाब और गेंदा का फूल मंगाया गया है।
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