फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला जेल की सुरक्षा में चूक : पहली वारदात से नहीं लिया सबक, जेल के बाथरूम में बंदी ने लगाई फांसी

विज्ञापन
विज्ञापन
जिला जेल की सुरक्षा में चूक : पहली वारदात से नहीं लिया सबक, जेल के बाथरूम में बंदी ने लगाया फंदा
विज्ञापन

-धोखाधड़ी के आरोप में दस दिनों से जेल में था कैदी बंद, चंडीगढ़ में टैवेल्स एजेंट था मृतक
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जिला जेल में बंदियों और कैदियों पर नजर रखने और उनकी सुरक्षा में भारी चूक हो रही है। जिला जेल प्रशासन इन बंदियों और कैदियों की देखरेख करने में फेल साबित हो रहा है। जिला जेल में शुक्रवार रात को एक और बंदी की बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में परने से फंदा लगाने से मौत हो गई। यह बंदी चंडीगढ़ में ट्रैवेल्स एजेंट का कार्य करता था और वह धोखाधड़ी के मामले में जेल में पिछले दस दिनों से बंद था। यह जेल की पहली घटना नहीं है। इससे पहले 30 मई को भी एक बंदी ने अस्पताल के बाथरूम में अपने ही परने से फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस घटना के बाद भी जिला जेल ने कोई सबक नहीं मिला और न ही बंदी और कैदियों पर पहरा बढ़ाया। सदर थाना पुलिस ने बंदी के शव को कब्जे में लेकर जांच की और मजिस्ट्रेट द्वारा कार्रवाई की गई। इसके बाद कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में बंदी का पोस्टमार्टम कराया गया और उनके परिजनों को सौंप दिया।

आठ जनवरी को कराया था मामला दर्ज
एसएस इंटरनेशनल स्कूल करनाल के डायरेक्टर संदीप ने बाज ट्रैवेल्स कंपनी के मालिक 50 वर्षीय नवरूप के खिलाफ शिकायत दी थी कि उन्होंने स्पोर्ट्स एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत स्टाफ सहित 22 लोगों को दुबई जाना था। इसका पैकेज आरोपी ने 17 हजार रुपये के हिसाब से बनाया। एक जनवरी, 2018 को दो बैच में बच्चों को दुबई जाना था। यह पैकेज 17 नवंबर, 2017 को बनाया था, लेकिन एक महीने तक वीजा नहीं आया। नवरूप ने कहा कि वह वीजा कहीं और से लगवा ले। वह दुबई में रहने खाने व टिकट का इंतजाम कर देगा। इसके बाद उसने दो टिकट दी तो पता चला की वह कोई भी टिकट बुक नहीं है टिकट फर्जी है। इसके बाद आरोपी नवरूप को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक ही महीने में दो बार आपस में भीड़ चुके हैं कैदी और बंदी
जिला जेल में सुरक्षा के कितने इंतजाम है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही महीने में जेल के अंदर कैदी व बंदी दो बार आपस में भीड़ चुके हैं। इतना ही नहीं दोनों बार कैदियों ने बर्तन को नुकीला हथियार बनाकर जानलेवा हमला भी किया है। एक मामले में झगड़े के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश करनाल जगदीप जैन भी जेल में मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें