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शामली-मुज्जफरनगर रूट को लेकर रोडवेज व प्राइवेट संचालक आमने-सामने

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। रोडवेज द्वारा एक जून से शुरू किये गए करनाल से शामली-मुज्जफरनगर रूट पर बसें चलाने को लेकर रोडवेज व प्राइवेट बस संचालक आमने सामने हो गए हैं। इस रूट पर रोडवेज की ओर से छह बसें शुरू की गई हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालक भी इस रूट पर अपनी बसें पहले से चला रहे हैं। रोडवेज कर्मचारियों का आरोप है कि प्राइवेट बस चालक जबरदस्ती कर रहे हैं। पिछले 14 दिन में सप्ताह में चार से पांच बार रोडवेज कर्मचारियों व प्राइवेट बस कर्मचारियों में मारपीट की नौबत आ चुकी है। रोडवेज कर्मचारियों ने इसकी शिकायत पुलिस चौकी में देकर न्याय की गुहार लगाई है।
परिवहन विभाग की ओर से लोगों की मांग को देखते हुए करनाल से शामली व मुज्जफरनगर जाने के लिए छह बसें एक जून से चलाई हैं। आरोप है कि प्राइवेट बस चालक अपने काउंटर पर बस न लगाकर रोडवेज बस के शामली के काउंटर पर जबरदस्ती बस लगा रहे हैं। जब रोडवेज बस चालक उन्हें हटाता है तो उसके साथ मारपीट को उतारू हो जाते हैं। गुरुवार को भी काउंटर पर बस लगाने को लेकर रोडवेज बस चालक और प्राइवेट बस कर्मी के बीच जमकर बहस हुई और हाथापाई तक की नौबत आ गई। अन्य कर्मचारियों ने बीच में पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया। रोडवेज कर्मचारियों ने इसकी शिकायत पुलिस चौकी में दे दी है। प्राइवेट बस वालों पर ये भी आरोप है कि उनका परमिट केवल मंगलौरा तक है, लेकिन वे बड़ौली तक जाते हैं।
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यूनियन ने लगाए जीएम और टीएम पर मिलीभगत के आरोप
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश लाठर, डिपो प्रधान विरेंद्र, बल सिंह, किरपाल लाड़ी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जीएम और टीएम की मिलीभगत के कारण ही प्राइवेट बस संचालक बस स्टैंड पर मनमानी करते हैं। तभी वे शामली के काउंटर पर अपनी प्राइवेट बस लगाते हैं और रोकने पर बस चालकों पर हमला करते हैं। इतना ही नहीं आरटीए की टीम भी इन बसों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि वे ऐसा कतई बर्दास्त नहीं करेंगे।

परमिट मंगलौरा गांव तक का, चला रहे हैं बडौली तक, नहीं हो रही कार्रवाई
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश लाठर ने दावा किया कि करनाल से मंगलौरा गांव तक करीब छह प्राइवेट बसों को परमिट दिया हुआ है। आरोप है कि ये बस चालक अपनी मनमानी करते हुए बडौली तक प्राइवेट बसों को चला रहे हैं। इस बारे में कई बार आरटीए विभाग को सूचित भी किया गया है, लेकिन वे इन बसों पर कोई कार्रवाई नहीं करते। प्राइवेट बस संचालकों ने उनके साथ भी मिलीभगत की हुई है, तभी उनपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

काउंटर दूसरी ओर बस लगाते हैं शामली वाले काउंटर पर
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि इन प्राइवेट बसों का काउंटर कैंटीन के समीप है, जहां मूनक की बस लगती है, लेकिन ये प्राइवेट बस संचालक जबरदस्ती शामली के काउंटर पर अपनी बस लगाते हैं। उनका परमिट मंगलौरा गांव तक ही है। इतना ही नहीं इनके काउंटर पर न ही समय सारणी लगी हुई है। ऐसे में अधिकारियों से मिलीभगत की संभावना ज्यादा है।
प्राइवेट बस वाले जबरदस्ती बैठाते हैं शामली की सवारियां
प्राइवेट बस चालक जबरदस्ती शामली की सवारियां को बैठा लेते हैं, ताकि रोडवेज बस में वे यात्री न बैठें। प्राइवेट बस चालक यात्रियों को भ्रमित कर बैठा लेते हैं और फिर बडौली पुल पर उन्हें छोड़ देते हैं। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बारे में समाजसेवी सोरण सिंह ने कहा कि वे इस बारे में कई बार आला अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। इस मामले में रोडवेज और आरटीए दोनों विभागों के अधिकारी प्राइवेट बस संचालकों पर मेहरबान हैं, इसलिए ही वे यात्रियों को परेशान कर रहे हैं।

रोडवेज कर्मचारियों के साथ की मारपीट, दी धमकी
उपप्रधान सुरेश लाठर ने बताया कि 13 जून को प्राइवेट बस चालक ने अपने काउंटर पर बस खड़ी न करके शामली के काउंटर पर बस खड़ी कर दी। जब उसे बस हटाने के लिए कहा तो उन्होंने 15-20 युवकों के साथ मिलकर स्टैंड इंचार्ज और ड्यूटी सेक्शन क्लर्क पर हमला कर दिया और उसके साथ मारपीट कर धमकी दी। इसकी शिकायत उन्होंने बस स्टैंड चौकी में दी, लेकिन उसके बावजूद वीरवार सुबह दोबारा से प्राइवेट बस चालकों ने अपनी बस शामली काउंटर पर लगा ली। इस दौरान भी लड़ाई झगड़ा होने के हालत बन गए।

आरटीए को कई बार दी हुई है शिकायत : जीएम
प्राइवेट बस संचालकों के साथ मिलीभगत के आरोप झूठे हैं, उन्होंने आरटीए विभाग को कई बार पत्र जारी कर इन प्राइवेट बसों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा कि, क्योंकि इनके पास परमिट मंगलौरा तक का है और वे बडौली तक बस ले जाते हैं, लेकिन अभी तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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-अश्विनी डोगरा, जीएम, रोडवेज करनाल।

प्राइवेट बस चालक मंगलौरा का परमिट होने पर बडौली तक बस चला रहे हैं, इसकी जानकारी उनके पास नहीं थी। यह मामला उनके संज्ञान में आज ही आया है। अब इन प्राइवेट बस पर एक्शन किया जाएगा। इनकी लगातार चेकिंग की जाएगी और जो भी गलत कर रहा होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-निशांत यादव, आरटीए, करनाल।
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