अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इंद्री के गांव खेड़ा व मधुबन की अशोक विहार कॉलोनी में झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों पर छापेमारी की। मधुबन में देर रात को टीम जांच करती रही। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों आरोपियों को इंद्री और मधुबन थाना पुलिस के हवाले भी कर दिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डिप्टी सीएमओ राजेश गौरिया ने बताया कि बिना डिग्री के मरीजों का इलाज करने वाले झोला छाप डॉक्टरों की शिकायत मिलने पर सीएमओ के निर्देश पर एक टीम का गठन किया गया। टीम में डॉक्टर मनोज रंगा, डॉ. नीरज, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुनील दहिया, हरिश, सुभाष, कश्मीरी, सतीश आदि शामिल थे। सबसे पहले इंद्री के गांव खेड़ा में छापेमारी की जहां एसके मेडिकल स्टोर पर संचालक अनिल कुमार अवैध क्लीनिक चलाता पाया गया। जब उसे मेडिकल डिग्री मांगी को वह दिखा नहीं पाया। मेडिकल स्टोर पर आरोपी मरीजों को इलाज करता था। मौके पर यूज हुए इंजेक्शन, सिरिंज सहित मेडिकल उपकरण भी बरामद किए गए हैं। आरोपी अनिल कुमार के खिलाफ इंद्री थाना में इंडिया मेडिकल काउंसिल एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। इसके बाद टीम देर शाम को मधुबन स्थित अशोक विहार में कौशल क्लीनिक पर पहुंची। वहां भी जोग्रेंद्र सिंह बिना किसी मेडिकल डिग्री के मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा था, मरीजों का इलाज करता पाया गया। इस झोलाछाप डॉक्टर को भी मधुबन पुलिस के हवाले किया गया और इसकी दुकान से भी यूज हुए इंजेक्शन, सिरिंज सहित मेडिकल उपकरण बरामद किए गए हैं।