अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शिव कॉलोनी में माता के मंदिर के समीप ऑफिस में घुसकर प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारने के मामले में सिटी थाना पुलिस ने मुख्य तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे पुलिस ने लाइसेंस पिस्तौल भी बरामद कर लिया है, जिससे उन्होंने शिव कॉलोनी निवासी कृष्ण लाल पर गोली चलाई थी। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने एक दिन का रिमांड हासिल किया है।
बता दें ये सभी आरोपी शराब ठेकेदार के लिए काम करते थे, जो अवैध शराब बेचता था उसे पकड़वाते थे। सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि दो सितंबर की रात को उन्हें सूचना मिली थी कि शिव कॉलोनी में माता के मंदिर के समीप गोली चली है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे तो पता चला की कुछ बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मार दी है। काछवा निवासी सुरेंद्र ने शिकायत में बताया कि वह शिव कॉलोनी निवासी कृष्ण लाल के साथ प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में बैठे थे। रात को करीब साढ़े आठ बजे रमेश उर्फ चिंगारी करीब 15 अन्य बदमाशों के साथ आया और उसने कृष्ण को धमकी दी कि वह अवैध शराब बेचनी बंद कर दे। कृष्ण लाल ने कहा कि वह शराब नहीं बेचता। इसी दौरान चिंगारी के भतीज सागर ने कृष्ण लाल के माथे पर गोली मार दी और फिर एक गोली चिंगारी ने मारी जो ऑफिस की दीवार पर लगी। इसके बाद ये सभी आरोपी फरार हो गए। फिलहाल कृष्ण लाल की हालत गंभीर बनी हुई है जिसका इलाज प्राइवेट अस्पताल में चला हुआ है।
थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत मिलते ही उन्होंने रामनगर चौकी प्रभारी जसपाल तुल्ली की अध्यक्षता में एक टीम बनाई। जसपाल तुल्ली की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन के समीप से मुख्य आरोपी रमेश उर्फ चिंगारी, उसके भतीजा सागर और गौरी वासी रामनगर को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों से एक लाइसेंस की पिस्तौल बरामद की गई है।
चिंगारी का लाइसेंस रद्द कराएगी पुलिस
इस मामले के मुख्य आरोपी रमेश उर्फ चिंगारी के पास लाइसेंस की पिस्तौल थी। इसके दम पर वह लोगों को डराता था। इतना ही नहीं पुलिस का भी मानना है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी लड़ाई झगड़े सहित कई मामले दर्ज हैं, लेकिन फिर भी उसके पास लाइसेंस की पिस्तौल अपने पास रखता था। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं। अब पुलिस चिंगारी का लाइसेंस रद्द कराऐगी, जो पहले ही होनी थी।