अमर उजाला ब्यूरो
जुंडला (करनाल)। गांव कतलाहेड़ी में म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत बिजली सभा का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में खराब ट्रांसफॉर्मर्स को बदलने या उन्हें ठीक करने की प्रक्रिया में बिजली निगम के कर्मचारी पर रुपये मांगते हैं।
इस बारे में एक लाइनमैन से पंचायत में पूछताछ की गई तो उसने ग्रामीणों से सामान मांगने की बात स्वीकार की, इस पर एक्शन लेते कार्यकारी अभियंता गगन पांडे ने लाइनमैन को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए और इसी मामले में एक जेई का तबादला कर दिया गया और मामले की जांच के निर्देश दे दिए। क्योंकि बिजली कर्मचारी उपभोक्ता से सामान नहीं मांग सकता। इस सभा में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और निदेशक प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि उपभोक्ताओं से पैसे वसूलने वाले कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए उपभोक्ताओं को भी सरकार के साथ सहयोग करना होगा। सरकारी कर्मचारी और अधिकारी जनता के सेवक है। जनता के प्रति अपने दायित्व के निर्वहन और ड्यूटी में कोताही बरतने वाले कर्मियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन्हें सुधरने के लिए बाध्य किया जाएगा। सभा में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर ही ग्रामवासियों की समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करने का प्रयास किया। प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि राज्य के 2300 से अधिक गांव इस समय योजना के अंतर्गत 24 घंटे बिजली प्राप्त कर रहे हैं। करनाल जिले के 85 से अधिक गांव इस सुविधा से संपन्न हो चुके हैं और इनमें असंध विधानसभा क्षेत्र के भी लगभग एक दर्जन गांव शामिल है।
इस दौरान एसडीओ ओम प्रकाश, गोंदर के सरपंच बिट्टू राणा, जयमल फौजी, महिंद्र सिंह, प्रेम सिंह, गुरदयाल सिंह, बाबू राम, राजकुमार, बलवीर सिंह, रतीराम, मनीष काद्यान, संदीप, सोनू, अंकित, मंदीप, महिपाल, राम क्रिशन आदि मौजूद रहे।
एक बल्ब 11 एलईडी बल्ब के बराबर बिजली खपत करता है
बिजली निगम के सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर एचपी शर्मा ने जगमग योजना के लाभ के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पीले बल्ब के स्थान पर एलईडी बल्ब के उपयोग से बिजली की भारी बचत होती है और एक पीला बल्ब 11 एलईडी बल्ब के बराबर बिजली खाता है। असंध डिवीजन के कार्यकारी अभियंता गगन पांडे ने बताया कि जगमग योजना के तहत गांव के सभी मीटर घरों से बाहर लगाए जाने हैं। सरकार मीटर बाहर स्थापित करने का और गांव की सभी लाइनें बदलने का खर्च स्वयं वहन करेगी। उन्होंने कहा कि गुल्लरपुर फीडर को जगमग योजना के तहत 24 घंटे बिजली देने की दिशा में जो कार्य होना है, उसे प्योंत और गुल्लरपुर गांव में पूरा कर लिया गया है। कतलाहेड़ी गांव में शेष कार्य को 15 दिन में पूरा किया जा सकता है। इसके बाद ही फीडर में बिजली की आपूर्ति चरणबद्ध ढंग से 24 घंटे तक ले जाएगी।