कैराना। क्षेत्र के गांव बसेड़ा में वैध पट्टे की आड़ में रात में चल रहे अवैध खनन पर ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए खनन बंद करा दिया। ग्रामीणों का गुस्सा देख खनन ठेकेदार मौके से भाग निकले। बाद में ग्राम प्रधान और खनन ठेकेदार ने एक दूसरे के विरुद्घ कोतवाली में तहरीर दी।
गांव बसेड़ा में ई-टेंडरिंग के माध्यम से आवंटित वैध खनन करने के लिए पट्टे पर खनन माफिया गलत तरीके से खनन कर रहे हैं। शुक्रवार रात खनन के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने एकत्र होकर खनन प्वाइंट पर पहुंचकर हंगामा कर दिया। कहा कि रात्रि में किसी भी सूरत में खनन नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने खनन प्वाइंट पर खनन के कार्य को बंद करा दिया। जिसके चलते खनन ठेकेदार वहां से भाग गए। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन ठेकेदार अपने लोगों के साथ मिलकर दिन में कम और रात में अधिक खनन करता है, जिसके चलते यमुना नदी में गहरे-गहरे कुंड बन गए हैं। कुछ दिनों शुरू होने वाले मानसून में बसेड़ा गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है।
उधर मामले में शनिवार सुबह बसेड़ा ग्राम प्रधान अकरम ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि खनन ठेकेदार दिन के अलावा रात में भी जेसीबी व पोकलेन मशीनों से उसकी जमीन से रेत खनन कर रहे थे। जिस पर ठेकेदारों का विरोध किया गया। साथ ही मामले में खनन ठेकेदार आमिर खान निवासी मोहल्ला जोगियान थानाभवन ने भी तहरीर देकर आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके मजदूरों के साथ मारपीट की तथा जेसीबी मशीन छीन ली। उधर, कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी सुनील दत्त ने बताया कि ग्राम प्रधान व खनन ठेकेदार की और से तहरीर मिली है। मामले में उपजिलाधिकारी से बात करने के बाद कार्रवाई की जायेगी।