अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। चार दिन पहले सवारी बैठाने को लेकर हुए विवाद से खुन्नस खाए एक ऑटो चालक ने अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरे ऑटो चालक पर डंडों और बेल्टों से हमला कर दिया। इतना ही नहीं आरोपियों के चालक को चाकू घोंप दिया और बाद में फरार हो गए। ट्रैफिक पुलिस चौकी से महज 100 मीटर की दूरी हुई इस वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। वहीं, घायल को मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया, जहां पर उसने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है। गांव नलीपार निवासी सन्नी ने बताया कि उसका भाई शीशपाल (30) पुरानी सब्जी मंडी से अपने गांव नलीपार तक ऑटो चलाता था। चार दिन पहले उसका भाई सवारी लेकर गांव जा रहा था और आरोपी काला रसूलपुर निवासी वह भी ऑटो में सवारी लेकर अपने गांव जा रहा था। मामले के अनुसार, फुुसगढ़ बाला मंदिर के पास एक सवारी खड़ी थी, जिसे गांव नलीपार जाना था। उस सवारी को शीशपाल बैठा रहा था, लेकिन काले ने इस पर ऐतराज जताया और दोनों में कहासुनी हुई। इस बात की रंजिश रखते हुए आरोपी काला सोमवार सुबह अपने साथ छह से सात युवकों को लेकर आया। युवकों ने अपने मुंह कपड़े से ढके हुए थे। बदमाशों ने आते ही पुरानी सब्जी मंडी के सामने उसके भाई पर डंडों और बेल्टों से हमला कर दिया। इसी दौरान उसके भाई की टांग में चाकू घोंप दिया। ज्यादा खून बहने के कारण अस्पताल में शीशपाल की मौत हो गई।
2007 में घर का गुजारा करने के लिए लाया था ऑटो
सन्नी ने बताया कि वे तीन भाई थे, उससे बड़ा शीशपाल था। वर्ष 2007 में वह नया ऑटो लेकर आया था, जिसे चलाकर वह अपने परिवार का गुजारा करता था। शीशपाल की पत्नी के साथ उसके दो बेटे और एक बेटी है। ऐसे में अब वे सभी अकेले रह गए हैं। ऑटो के सहारे ही शीशपाल अपने परिवार को पाल रहा था। फिलहाल, उसकी मौत से परिवार में मातम छाया हुआ है। बच्चों और उसकी पत्नी का बुरा हाल है।
ई-रिक्शा और सिटी बस के कारण आटो चालकों को नहीं मिल रही सवारी
बता दें कि इस समय अचानक से ई रिक्शा की संख्या बढ़ गई हैं, जो सस्ते दामों पर शहर में इधर से उधर सवारियों को ले जाते हैं। इसी प्रकार, नगर निगम द्वारा सिटी बस शुरू करने के कारण भी ऑटो चालकों को सवारियां कम मिलती हैं। इस कारण सवारियों को लेकर रोजाना चालकों में झगड़े होते हैं। आंकड़े पर नजर डालें तो शहर में करीब 2 हजार से ज्यादा ऑटो हैं, एक हजार से ज्यादा ई-रिक्शा हैं। ऐसे में अलग-अलग रूटों पर सवारियों को बैठाने को लेकर चालकों में झगड़े होते रहते हैं।
अपने-अपने गांव की सवारी बैठाने का बनाया हुआ है रूल
ऑटो चालक सुरजीत ने बताया कि पुरानी सब्जी मंडी के समीप दर्जनभर ऑटो चलते हैं, इन ऑटो चालकों ने अपना ही रूल बनाया हुआ था कि ऑटो चालक अपने ही गांव की सवारी बैठाएगा। यदि रास्ते में उनके गांव से पहले की कोई सवारी मिलती है तो बैठा सकता है। काला और शीशपाल के बीच जो कहासुनी हुई थी, उसमें वह सवारी शीशपाल के गांव नलीपार की थी, जिसे ऑटो चालक काला जबरदस्ती अपने ऑटो में बैठाना चाहता था। इस लिए उनके बीच सवारी को लेकर कहासुनी हुई।
पुरानी सब्जी मंडी समीप एक ऑटो चालक ने अपने साथियों के साथ मिलकर नलीपार निवासी शीशपाल की चाकू घोंप कर हत्या कर दी है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और टीमों को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रवाना कर दिया है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
-मोहन लाल, थाना प्रभारी सिटी थाना।