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मंदिर में तिहरा हत्याकांड : अरूण गंजा के बाद अब पुलिस ने किया यूपी की तरफ रुख

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। मेरठ रोड स्थित मंगलौरा चौकी के समीप मंदिर में हुए ट्रिपल मर्डर का मामला पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा है, क्योंकि पुलिस को अभी तक इस मामले में कोई भी अहम सुराग नहीं लगा है। जिस व्यक्ति पर मृतक के परिजनों को शक है, उससे भी पुलिस कुछ उगलवा नहीं पाई है। इस मामले में पुलिस ने 10 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया हुआ है और उनसे पूछताछ की जा रही है, लेकिन पुलिस को अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली है। अब पुलिस इस मामले को लेकर पुलिस ने यूपी का रूख किया है।
बता दें कि इसी प्रकार की वारदातें अलीगढ़ और औरेया में हुई थी। पुलिस को शक है कि किसी विशेष गिरोह के सदस्यों ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है। आशंका गोतस्करों पर भी वारदात की शक की सुई घूम रही है। फिलहाल पुलिस की टीम यूपी पहुंच गई है और वहां के पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर रही है। दूसरी ओर, पुलिस को अब घायल अजय शर्मा और सेवादार हरजिंद्र के होश में आने का इंतजार है, क्योंकि उनकी जुबान खुलने पर ही इस पूरे मामले का पता चलेगा कि आखिर कार उस रात मंदिर में हुआ क्या था। दोनों अस्पताल में दाखिल हैं और बोलने की स्थिति में नहीं है।
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ये है मामला
मेरठ रोड स्थित मंगलौरा पुलिस चौकी से महज 500 मीटर पहले श्रीगोविंद धाम संतआश्रम भाई बहन मंदिर है, वहां गत शनिवार की शाम को महामृत्युंजय पाठ करने के लिए बदनारा कैथल निवासी पंडित विनोद शर्मा अपने साले संगोही करनाल निवासी अजय शर्मा और मामा बाम्बरेहड़ी निवासी रविंद्र के साथ आया था। इस मंदिर में सेवादार हरजिंद्र पहले से ही रहता था और एक ओर सेवादार सुलतान भी उस दिन पर था। रात को मंदिर के मेन गेट के सामने बरामदे में तीनों पुजारी सो रहे थे और मंदिर के पीछे गोशाला में सेवादार हरजिंद्र और सुलतान सो रहे थे। रात के समय में अज्ञात 15 से 20 बदमाश आए और उन्होंने पांच लोगों के हाथ पांव बांधकर उन पर पेड़ की टहनियों से डंडों से हमला कर दिया। जिसमें पुजारी विनोद उसके मामा रविंद्र व सेवादार सुलतान की मौत हो गई और पंडित अजय व सेवादार हरजिंद्र गंभीर रूप से घायल है।

यह खटक रहा है सवाल
अजय शर्मा के भाई लखविंद्र द्वारा पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि गंभीर रूप से घायल सेवादार हरजिंद्र ने उसे बताया था कि शिवरात्रि से एक दिन पहले मंगलौरा निवासी अरूण चप्पलें लेकर मंदिर में घुस गया था तो उसे उसने रोक दिया। इस बात को लेकर अरूण ने उसके साथ मारपीट की थी, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि इस वारदात को मंगलौरा निवासी अरूण ने ही अंजाम दिया है। क्योंकि अरूण इस वारदात को अंजाम देता तो उसका झगड़ा हरजिंद्र के साथ तो वह सुलतान की गला दबाकर हत्या क्यों करता? इस बारे में एसआईटी के इंचार्ज डीएसपी वीरेंद्र सैनी का कहना है कि पुलिस की टीम यूपी गई हैं और वहां भी छापेमारी की गई हैं। पुलिस दोनों एंगल पर काम कर रही है।
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दोनों एंगल पर चल रही हैं जांच : एसपी
परिजनों की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के तहत ग्रामीणों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन अभी कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। क्योंकि इसी प्रकार की वारदात यूपी के अलीगढ़ और औरैया में हो चुकी हैं, ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। पुलिस यूपी गई है और वहां के पुलिस अधिकारियों से बात की है। इसके अलावा, दोनों घायलों के बयान अभी नहीं हो सके हैं, क्योंकि उनकी तबियत ठीक नहीं है। उनके खुलासे के बाद ही पुलिस की जांच सही दिशा में चलेगी। वारदात में किसी गिरोह या फिर गोतस्करों के होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। -सुरेंद्र भोरिया, एसपी, करनाल।
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