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नहीं रूक रहा यमुना में अवैध खनन, यूपी के माफिया के आगे हरियाणा प्रशासन हुआ नतमस्तक

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अमर उजाला ब्यूरो
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घरौंडा (करनाल)।
उत्तर प्रदेश के खनन माफिया ने हरियाणा के प्रशासन को बौना साबित कर दिया है। बेखौफ खनन माफियाओं की मशीनें हरियाणा के किसानों की जमीनों को खोदने में लगी हुई हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। किसानों का आरोप है कि खनन माफिया और अधिकारियों की सांठ-गांठ के कारण कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही। अधिकारी कार्रवाई के नाम पर मात्र खानापूर्ति करके चले जाते हैं।
खनन माफिया उनकी कई एकड़ भूमि में लगी फसल को बर्बाद कर चुका है। किसानों की बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार को खनन विभाग की टीम साथ लालुपुरा गांव के पास यमुना क्षेत्र में पहुंची और खनन कार्य रुकवा दिया। खनन अधिकारी माधवी गुप्ता ने स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि जब तक पूरी जमीन की निशानदेही नहीं हो जाती तब तक कोई खनन नहीं किया जाएगा।
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लालुपुरा गांव के पास यमुना में करोड़ों रुपये की अवैध माइनिंग होने के बावजूद भी प्रशासन खनन माफिया के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। घरौंडा तहसील कार्यालय के कानूनगो द्वारा की गई निशानदेही में साफ हो चुका था कि जो पहले जमीन खोदी गई थी वह हरियाणा के किसानों की है, लेकिन बेखौफ खनन माकिया की मशीनें हरियाणा के किसानों की जमीनें खुदाई में लगी हुई है और प्रशासन तमाशबीन बना हुआ है। किसानों की शिकायत के बाद एक बार फिर खनन विभाग की टीम मौके पर पहुंची खनन रुकवाया और आदेश जारी कर दिए कि जब तक दोबारा निशानदेही नही हो जाती तब तक कोई खुदाई नहीं की जाएगी।

किसानों ने लगाए मंथली लेने के आरोप
किसान कमल कांत, रोशन, नरेश कुमार, पालाराम व अन्य ने अधिकारियों पर सांठ-गांठ करने के आरोप लगाए है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों की खनन माफिया के साथ आपसी सांठ-गांठ है। अधिकारियों की मंथली होने के कारण कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। किसानों का कहना है कि उनकी कई एकड़ भूमि खनन माफिया ने पूरी तरह से बर्बाद कर दी है। इसको लेकर उन्होंने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। प्रशासनिक अधिकारी आते तो हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करके चले जाते हैं। किसानों का कहना है कि कानूनगो द्वारा निशानदेही में स्पष्ट हो चुका है कि जमीन हरियाणा के किसानों की है लेकिन बावजूद उसके खनन माफिया बेखौफ खनन कर रहा है।

खनन विभाग की रिपोर्ट पर उठाए सवाल
यमुना में हरियाणा की भूमि पर यूपी के खनन माफियाओं द्वारा खनन की शिकायत की गई तो पिछले दिनों जिला खनन अधिकारी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक मौके पर तीन या चार फुट तक खुदाई कर रेत उठाया गया था, जबकि इस मामले की जांच के लिए पहुंचे कुरूक्षेत्र व सोनीपत के खनन अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में खुदाई की गहराई 20 फुट तक बताई है। दोनों ही रिपोर्ट में इतना अंतर अपने ही विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
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दोनों प्रदेशों से करवाई जाएगी निशानदेही : माधवी गुप्ता
खनन अधिकारी माधवी गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यमुना में खुदाई की जमीन हरियाणा की है या यूपी की इसको लेकर विवाद बना हुआ है। जिसकी निशानदेही भी करवाई गई है। इस जमीन की निशानदेही दोनों प्रदेशों द्वारा करवाई जाएगी ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। जमीन की दो बार निशानदेही तहसील घरौंडा द्वार की जा चुकी है। पहले जो निशानदेही हुई थी उसमें जमीन हरियाणा की निकली थी। इसमें कार्रवाई करते हुए एसएचओ को शिकायत दर्ज करवा दी थी। जब एनजीटी के मुताबिक यमुना में मशीनें न खड़ी किए जाने का सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह यूपी के ठेकेदार से पूछा जाए। उन्होंने बताया कि जब तक निशानदेही नहीं हो जाती, तब तक कोई खुदाई नहीं की जाएगी। इसको लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।
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