अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पुलिस कर्मियों को गोली मारकर फरार हुए कैदी सुनील उर्फ खीरा और उसके साथियों का पुुलिस चौथे दिन भी पता नहीं कर पाई है। इन अपराधियों को पकड़ने के लिए हरियाणा की पुलिस जुटी हुई है। इनको गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली, यूपी और राजस्थान की पुलिस से भी मदद ली जा रही है। इतना सब कुछ होने के बावजूद पुलिस खाली हाथ है। पिछले चार दिनों से कई जिलों की एक दर्जन पुलिस टीमें अब तक दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापामारी कर चुकी हैं। कुछ अहम जानकारियां मिली हैं, उनके आधार पर नए सिरे से छापामारी की जा रही है।
मंगलवार को कैदी सुनील उर्फ खीरा को उसके साथी पूरी प्लानिंग से पुलिस से छुड़ा ले गए। पुलिस कर्मियों ने विरोध किया तो उनको गोली मारकर घायल कर दिया था। पुलिस के साथ छीना झपटी में जब पुलिस ने सुनील उर्फ खीरा के साथियों से पिस्टल छीन लिया तो वे हड़बड़ाहट में कैदी व एक उसका साथी पैदल दूसरी दिशा में भाग गया और बाकी के दो बदमाश वापस दूसरी बाइक पर फरार हो गए। इस कारण बदमाश एक बिना नंबर की एक स्प्लेंडर बाइक नये बस स्टैंड पर चाबी लगी हुई छोड़ गए थे। जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस बाइक के चेचिस नंबर के आधार पर जांच कर रही है कि यह बाइक किसकी है, चोरी की तो नहीं।
वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है क्योंकि इन बदमाशों को पकड़ने के लिए करनाल पुलिस की सीआईए सहित अन्य पुलिस ही नहीं बल्कि यमुनानगर की सीआईए सहित अन्य पुलिस छापा मारी कर रही है। सूत्रों की माने तो दोनों जिलों की पुलिस की टीमें यूपी, दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों में दबिश दे रही है तो वहीं लोकल पुलिस यमुनानगर, करनाल सहित अन्य जिलों में इन बदमाशों के पुराने ठिकानों पर छापा मार रही है लेकिन अभी तक पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं लगा है। वहीं बदमाशों के फरार होने का मुख्य कारण है भी है कि पुलिस की नाकाबंदी कमजोर है। क्योंकि यूपी बोर्ड पर ही पुलिस की स्थायी नाकाबंदी है। इससे अलग कहीं भी पुलिस नाकाबंदी नहीं करती। सूचना मिलने पर की पुलिस नाकाबंदी कर ती है लेकिन तब तक बदमाश जिले से बाहर निकल जाता है। कैदी के साथियों द्वारा उसे भगाने के मामले को तीन दिन बीत गए हैं लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं।
तीन से चार संदिग्ध व्यक्ति आए सामने
वारदात के बाद जब पुलिस ने कोर्ट परिसर, निर्मल कुटिया चौक सहित अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो पुलिस को तीन से चार संदिग्ध व्यक्ति नजर आए हैं। जो कैदी के आस-पास कई जगह पर देखे गए हैं। पुलिस का कहना है कि वह इन व्यक्तियों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं लेकिन पुलिस ने इन व्यक्तियों की न तो फोटो जारी की है और न ही स्केच जारी किए हैं।