अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। बदमाश सुनील जगाधरी जेल में 2016 से बंद था और वह वर्ष 2018 से एक लूट के मामले में सात साल की सजा भी काट रहा था। सुनील के साथियों ने सुनील को छुड़वाने की प्लानिंग पहले से ही बना ली थी, क्योंकि अकसर सुनील के साथी जगाधरी जेल में उससे मिलने जाते थे।
सूत्रों के अनुसार मंगलवार सुबह जब एसआई सुरेशपाल, एचसी संदीप और विनोद जिला जेल से सुनील को लेकर करनाल कोर्ट के लिए चले थे तो तभी से बदमाश सुनील के साथी उनकी रेकी कर रहे थे। पुलिस सूत्रों ने मुताबिक कोर्ट परिसर में भी कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है। करनाल राजेश मेहता की कोर्ट में पेशी के बाद जब पुलिस कर्मचारी बदमाश सुनील को बस में बैठाकर करनाल नए बस स्टैंड में लेकर गए तो तब भी कुछ संदिग्ध व्यक्ति को वहां देखा गया। इसे बाद ही प्लानिंग के तहत बदमाश सुनील के साथियों ने वारदात को तब अंजाम दिया जब नए बस स्टैंड पर काउंटर नंबर 2 पर पुलिस कर्मचारी बस का इंतजार कर रहे थे। उस दौरान बस स्टैंड पर भीड़ भी कम थी।
सीसीटीवी कैमरे बंद होने से पहचान नहीं हो पाई अन्य बदमाशों की
बस स्टैंड पर बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों के कारण बदमाशों की पहचान नहीं हो पाई है। शायद बदमाशों को पहले ही से ही पता था कि नए बस स्टैंड पर लगे सीसीटीवी कैमरे बंद हैं तभी उन्होंने बस स्टैंड पर ही बदमाश सुनील को छुड़वाने की वारदात को अंजाम दिया।
जिला जेल में बदमाश सुनील से बरामद हुई थी अफीम
जिला जेल में बदमाश सुनील से मिलने उसके साथी जाते थे। यही कारण है कि जिला जेल में सुनील से नशीला पदार्थ अफीम बरामद हुई थी। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला की मुलाकात के दौरान ही उसके साथियों ने अफीम उसके पास पहुंचाई थी।