अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शहर के चौक चौराहों पर करोड़ों रुपयों से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन फिर भी शहर में बाइक चोरी की वारदतेंदिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं। 2017 की बात करें तो 826 वाहन चोरी के मामले दर्ज हुए थे, लेकिन 2018 में सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद भी यह आंकड़ा 938 पर पहुंच गया।
बाइक चोरों के हौसले इतने बुलंद है कि अब तो वे घर के सामने से ही बाइक को चोरी कर ले जाते हैं। ऐसे में शहरवासियों को घर के बाहर बाइक खड़ी करने में भी डर लगने लगा है। यदि बाइक चोरी की वारदातों की बात करें तो ऐसा कोई दिन नहीं जाता जिस दिन बाइक चोरी नहीं होती हालांकि पुलिस ने बाइक चोरों को पकड़ने के लिए एंटी ऑटो थेफ्ट एक टीम का गठन भी किया हुआ है जो बाइक चोरी के मामलों की जांच कर आरोपियों को पकड़ते हैं, लेकिन फिर भी बाइक चोरी की वारदातें बढ़ रही हैं। बाइक चोर गिरोह को पुलिस का डर नहीं है। पिछले सालों में वाहन चोरी के मामलों की बात करें तो 2016 में 808 वाहन, 2017 में 826 वाहन, 2018 में 938 और 2019 में अभी तक 139 वाहन चोरी हो चुके हैं। 2018 में पुलिस ने 162 मामले ही ट्रेस किए हैं।
मेडिकल कॉलेज में होती है सबसे ज्यादा बाइक चोरी
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा बाइक चोरी हो रही हैं क्योंकि मेडिकल कॉलेज में ना तो पार्किंग बनाई हुई है और ना ही इस पार्किंग का किसी को ठेका दिया है। मरीजों के परिजन यहा बाइक पर खड़ा कर मरीज से मिलने के लिए जाते हैं तो पीछे से चोर बाइक लेजाते हैं।
बाइक चोरी कर यूपी में पांच से दस हजार में बेचते हैं
बाइक चोर शहर में बाइक चोरी कर यूपी ले जाते हैं और वहां पांच से दस हजार में बेच देते हैं। इन चोरी की बाइकों को चोर यमुना के रास्ते भी ले जाते हैं क्योंकि यूपी बोर्ड पर मंगलौरा चौकी पुलिस कभी-कभी वाहनों की चेकिंग करना शुरू कर देती है। इस लिए चोर यमुना के रास्ते से बाइक को यूपी में ले जाते हैं। सप्लेंडर बाइक को चोर इस लिए सबसे ज्यादा चोरी करते हैं क्योंकि यह बाइक जल्दी बिक जाती है।
इस लिए चोरी होती हैं बाइक
- सबसे ज्यादा होती हैं स्प्लेंडर बाइक चोरी।
- बाइक पर व्हील लॉक नहीं लगा होता।
- बाइक का लॉक पुराना होने के कारण दूसरी चाबी आसानी से लग जाती है।
- अनसेफ जगह पर बाइक खड़ी करने के कारण।
ये बरतें सावधानी
- बाइक को हमेेशा पार्किंग में खड़ा कर पर्ची अवश्य कटवाएं।
- बाइक को अनसेफ जगह पर खड़ा ना करें।
- बाइक को स्टैंड पर लगाने के बाद उसके अगले व्हील में लॉक लगाएं।
- बाइक में पेट्रोल ऑन-ऑफ करने की जगह पर लॉक लगाए ताकि उस लॉक को खोले पर ही टंकी से पेट्रोल इंजन में जाए।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र में होती है सबसे ज्यादा बाइक चोरी
सबसे ज्यादा बाइक चोरी सिविल लाइन थाना क्षेत्र में होती हैं। 2018 की बात करें तो सिविल लाइन थाना में 375 मामले दर्ज हुए वाहन चोरी के, सिटी थाना में 167, बुटाना में 33, सदर में 51, तरावड़ी में 20, मधुबन में 14, घरौंडा में 84, कुंजपुरा में 14, इंद्री में 29 व असंध में 129 मामले दर्ज हुए हैं।
वाहन चोरी करने वाले आरोपियों के लिए स्पेशल टीम बनाई हुई है। जो निरंतर बाइक चोरी करने वाले आरोपियों को पकड़ रही है। बाइक मालिक को भी चाहिए कि वह अपने वाहन को पार्किंग में खड़ा करें।
-सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।