दुराचार के मामले में समझौता करवाने की एवज में दस लाख रुपये की नकदी और
सात लाख रुपये के एक प्लाट की रजिस्ट्री लेने का मामला उजागर होने के बाद
दुराचार पीड़िता सामने आ गई है। पीड़िता ने प्रेसवार्ता कर चेतावनी दी है
कि यदि दो दिन में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह खुदकुशी कर लेगी।
पीड़िता का आरोप है कि एक पुलिस कर्मचारी की मिलीभगत से झूठी कहानी बनाकर
उसको बदनाम करने का प्लान है। पीड़िता ने यह आरोप अपने मंगेतर पर लगाए हैं।
आरोप है कि पीड़िता का मंगेतर रिश्ता तय होने के बाद पीड़िता के साथ कई
बार दुराचार कर चुका है। पीड़िता ने बताया कि उसकी नवंबर 2014 में चांद
सराय वासी रवि के साथ शादी तय हुई थी। इसके कुछ दिन बाद रवि ने अपने घर में
उसके साथ दुराचार किया।
जब उसने मामले की जानकारी मंगेतर के परिजनों को दी
तो उन्होंने कहा कि यह तुम्हारा होने वाला पति है, लेकिन शादी से पहले गलत
काम करने का विरोध किया। परिजनों ने उसे 15 व 20 दिन के अंदर शादी करने का
आश्वासन दिया। उसके बाद भी रवि के परिजनों ने उसे कई बार झूठे फोन कर अपने
घर बुलाया और रवि ने उसके साथ रेप किया।
पीड़िता ने कहा कि पुलिस ने
जिस व्यक्ति को मामले में समझौता करवाने के नाम पर 17 लाख रुपये में डील की
है वह उसे जानती तक नहीं। उसने डील करने वाले व्यक्ति को कभी नहीं देखा।
साथ ही आरोप लगाया कि चांद सराय वासी रवि और उसके परिवार ने साजिश रचकर
एसपी कार्यालय में तैनात एक पुलिसकर्मी की मदद से मामले को दबाने के लिए एक
षड्यंत्र रचा है। अगर मामले में आरोपी पक्ष की ओर से षड्यंत्र नहीं रचा
गया तो आरोपी की इतनी जल्द जमानत कैसे हो गई। पीड़िता ने रेप मामले की जांच
कर रही महिला थाना की कर्मचारी पर भी मामले में समझौता करने का दबाव बनाने
का आरोप लगाया है।
पीड़िता की शिकायत पर दुराचार का केस
दर्ज है। दूसरा केस रेप के मामले में आरोपी द्वारा समझौता कराने की एवज में
रुपये देने की कोशिश का है। हमने रुपये बरामद किए हैं। दोनों मामलों की
जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। अन्याय किसी के साथ
नहीं होने दिया जाएगा।
-पंकज नैन, एसपी, करनाल।