अमृतधारा माई अस्पताल के संचालक व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता की हत्या के लिए आरोपियों ने 15 पहले भी पीछा किया था। उस दिन डॉक्टर को गोली मारने का मौका नहीं मिल पाया था। इसके बाद वे लगातार उनकी रेकी करते रहे। 5 जुलाई को पवन समेत शिवकुमार व रमन ने हत्याकांड को अंजाम देने की तैयारी की और 6 जुलाई को सेक्टर-16 मोड़ पर इस वारदात को अंजाम भी दे डाला। यह खुलासा आरोपियों ने रिमांड के दौरान किया है।
सात दिन के रिमांड पर चल रहे मुख्य आरोपी पवन ने सीआईए वन से पूछताछ में बताया कि पिछले एक माह से वह काफी परेशान चल रहा था। कई बार मिन्नत करने के बाद भी जब डॉ. राजीव गुप्ता ने उनकी बात नहीं सुनी तो वह खुन्नस पाल बैठा। इसी के चलते उसने दोस्त शिवकुमार और रमन से भी बात की। वे दोनों भी इसके लिए तैयार हो गए थे। पूछताछ में पवन ने बताया कि उसे लगता था कि पुलिस उसे नहीं पकड़ पाएगी। इसलिए ही उसने वारदात को अंजाम दिया। साथ ही उसने ये भी बताया कि रिवॉल्वर के साथ 15 दिन पहले भी डा. राजीव का पीछा किया था, लेकिन उस दिन उनको मौका नहीं मिल पाया था।
कई बार मिन्नतें करने पर भी डा. नहीं माने तो पाल ली खुन्नस
हत्यारोपी पवन ने बताया कि वह दस साल से अस्पताल में काम कर रहा था। सात माह पहले नौकरी से निकाले जाने के बाद उसने दूसरे अस्पतालों में भी नौकरी के लिए आवेदन किया, साक्षात्कार के दौरान उसका चयन हो जाता था, लेकिन नौकरी नहीं मिलती थी। इस पर उसके यह बात घर गई कि दूसरे अस्पतालों में भी डा. गुप्ता नौकरी नहीं मिलने दे रहे हैं। पवन ने बताया कि जब उसे कहीं भी नौकरी नहीं मिली तो उसने अमृतधारा अस्पताल के अन्य पुराने सदस्यों से भी बात की और डाक्टर गुप्ता से नौकरी पर रखवाने की अपील की, लेकिन वे फिर भी नहीं माने। बस यहीं से उसने खुन्नस पाल ली।
ड्यूटी से रहता था गायब, इसलिए नौकरी से निकाला
रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी पवन ने पूछताछ में बताया कि सात माह पहले डॉक्टर ने उसको नौकरी से निकाल दिया था। पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि पवन काफी समय से ड्यूटी से गायब रहता था। कई कई दिन तक वह अस्पताल से बाहर रहता था, इससे मरीजों और अस्पताल के स्टाफ को परेशानी झेलनी पड़ती थी। कई बार चेतावनी देने के बावजूद भी जब पवन ने अपना व्यवहार नहीं बदला तो डाक्टर ने उसे नौकरी से निकाल दिया। अस्पताल प्रबंधन से उसे 12 हजार रुपये मेहनताना मिलता था।
पवन के दोस्तों से भी करेगी पूछताछ
जिला पुलिस मुख्य आरोपी पवन दहिया के दोस्तों से भी इस मामले में पूछताछ करेगी। इसके अलावा, पवन को मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल भी निकाली जाएगी, ताकि इससे पता लग सके कि आखिरकार पवन सबसे ज्यादा किसके संपर्क में था। सीआईए पुलिस का कहना है कि पवन को बदमाश दिखने का शौक था, इसका प्रमाण उसकी फेसबुक से मिलता है। इसके अलावा, गिरफ्तार दोनों शिवकुमार और रमन से भी पूछताछ चल रही है।
डाक्टर डे पर डा. राजीव ने जताई थी चिंता
1 जुलाई को डॉक्टर डे पर कल्पना चावला मेडिकल के सभागार में हुए कार्यक्रम में खुद डॉ. राजीव गुप्ता ने देश के अन्य प्रदेशों में डाक्टरों पर हो रहे हमलों को लेकर रोष जताया था। साथ ही सरकार से ये भी मांग की थी कि ऐसे हालात रहे तो डाक्टर कैसे इलाज कर पाएंगे।
बदमाश के दोस्तों से करेंगे पूछताछ : एसपी
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी पवन समेत तीनों से पूछताछ की जा रही है। पवन के संपर्क वाले उसके दोस्तों से भी पूछताछ की जाएगी। फिलहाल पुलिस का फोकस सुबूत जुटाने पर है और वह टीम लगातार इस पर कार्य कर रही है। रिमांड के दौरान वारदात में प्रयोग की गई बाइक और कपड़े बरामद किए जाने हैं।