फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉ. राजीव हत्याकांड : जमीन के दस्तावेज जुटाने के लिए मुख्य आरोपी दो और दिन के रिमांड पर लिया

विज्ञापन
विज्ञापन
अमृतधारा अस्पताल के संचालक एवं आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता की हत्या के मामले में सात दिन के रिमांड के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पवन दहिया को दो और दिन के रिमांड पर लिया है, जबकि उसके दोनों साथियों शिव कुमार और रमन को जेल भेज दिया है। पुलिस ने दो दिन और रिमांड के पीछे अदालत में दलील दी है कि पवन के जमीन को लेकर अदालत में केस चल रहा है, उसके दस्तावेज जुटाने हैं, ताकि हत्या की और कोई वजह तो नहीं इसका पता लगाया जाएगा। साथ ही यह पता किया जाएगा कि डॉक्टर की गवाही उसमें कितनी महत्वपूर्ण है। दूसरी तरह एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया मामले में एसआईटी के आठों टीमों से अपडेट ली।
विज्ञापन

बता दें कि 6 जुलाई की शाम को डॉ. राजीव गुप्ता की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने अस्पताल के ही पूर्व कर्मचारी पवन निवासी पाढ़ा, शिवकुमार व रमन निवासी मंगलपुर को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी पवन ने बताया था कि था सात माह पहले उसे डॉक्टर ने नौकरी से निकाल दिया था। इसके अलावा, जब उसने दूसरे स्थानों पर नौकरी की कोशिश की तो उसे वहां भी नौकरी पर नहीं लगने दिया गया। इसी बात को लेकर वह डॉ. गुप्ता से नाराज था। पुलिस ने हत्या की कोई और वजह तो नहीं यह जानने के लिए तीनों आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर लिया था। इस दौरान पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं से मामले की जांच की। इस दौरान प्रापर्टी विवाद, अदालत में डाक्टर की गवाही समेत अन्य पहलु सामने आए, लेकिन पुलिस किसी फाइनल नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। सोमवार को तीनों आरोपियों का रिमांड पूरा होने के बाद उनको सीजेएम सुकीर्ति की अदालत में पेश किया गया। अदालत में पुलिस ने दलील दी कि अभी मुख्य आरोपी की निशानदेही पर जमीन को लेकर चल रहे केस के सिलसिले में दस्तावेज एकत्रित करने हैं, ताकि इस मामले में और विस्तार से जांच की जा सके। पुलिस की दलील पर अदालत ने पवन को दो दिन के रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दो अन्य साथियों को जेल भेज दिया है। इस बारे में सीआईए वन के इंचार्ज दीपेंद्र राणा का कहना है कि दो दिन में आरोपी से और पूछताछ की जानी है, ताकि केस में कोई संशय न रहे।
एसआईटी के साथ एसपी ने की बैठक
आरोपियों को अदालत में पेश करने से पहले एसपी ने एसआईटी के सदस्यों के साथ बैठक की। साथ ही अब तक विभिन्न पहलुओं पर की गई जांच को लेकर जानकारी ली, साथ ही पूरे केस पर मंथन किया गया। एसपी ने बारी-बारी से सभी से बात की और हर एंगल पर की गई जांच के बारे में अपडेट ली। इस केस को साल्व करने के लिए बनाई गई आठ टीमों ने एसपी के सामने पूरा केस और दस्तावेज रखे। एसआईटी ने अपनी जांच में बताया कि अब तक की जांच में केवल नौकरी से हटाने और दूसरी जगह नहीं लगने देने के कारण ही हत्या सामने आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें